21/09/2021
गुड़ क्या है-
गुड़ गन्ने से तैयार एक शुद्ध, सेहतमंद और स्वादिष्ट पदार्थ होता है. ये मूल रूप से गन्ने के रस से तैयार किया जाता है. इसे रक्ताल्पता/अनीमिया के मरीजों को दिया जाता है. ये आयरन, मेग्नीशियम, ग्लूकोस और सुक्रोस का अच्छा सोर्स है. ऐसा कहते हैं कि इसके सेवन से मॉस पेशियों की थकान दूर होती है .इसमें सोडियम की कम मात्रा होती है व पोटाशियम कि अच्छी मात्रा होती है जिससे उच्चरक्त चाप में फायदा होता है. गुड़ में सेलेनियम होता है और यह एक एंटीओक्सिडेंट का काम करता है. ये गले और फेफड़े के इन्फेक्शन में लाभदायक होता है. इसमें खनिज और विटामिन भी होते हैं. अपने रोगियों को मैं गुड़ का सेवन करने की सलाह देता हूँ. क्योंकि आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुसार यह बहुत लाभदायक है. इसका मैंने अनेक रोगियों पर प्रत्यक्ष अनुभव भी किया है. मेरा मानना है कि अलग अलग रोगों में रोगी दवा लेने के साथ साथ नीचे बताए गए उपाय अपनाएँ तो उनके रोग में जल्दी ही लाभ होगा.
आयुर्वेद के अनुसार गुड़ का प्रयोग-
आयुर्वेद का मानना है कि गुड़ में मौजूद क्षार शरीर में मौजूद अम्ल (एसिड) को खत्म करता है इसके विपरीत चीनी के सेवन से अम्ल बढ़ जाता है । रोगरहित और दीर्घायु रहने के लिए भोजन के बाद नियमित रुप से 20 ग्राम गुड़ का सेवन किया जाना चाहिए। दूध में गुड़ मिलाकर पीना मना किया गया है। हालांकि पहले गुड़ खाएं और फिर दूध पिएं, आपकी सेहत ठीक रहेगी और कई रोगों से बचाव होगा। एक वर्ष पुराना गुड़ हल्का, अग्निवर्धक और मोटापे को कम करने वाला होता है। ये ज्वर का नाश करने वाला होता है।गुड़ का सेवन करने से स्वास्थ्य उत्तम होता है। कड़ी मेहनत करने वाले व्यक्ति को थकान मिटाने के लिये गुड़ का शर्बत पीना चाहिये। सर्दियों में लोग गुड़ की चाय पीते हैं क्यों कि इस मौसम में गुड़ की चाय पीना काफी लाभदायक होता है। गुड़ के सेवन करने से शरीर में स्फूर्ति आती है।