Amrit Phuhar

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13/08/2024

कैया घुंघटीयो उठाऊं म्हाने पाप लागे
यो श्याम धणी भई मेरे धणी रो बाप लागे....

बनी जद दुल्हनिया नयी रे नवेली
जद यो दिखायो मन्ने श्याम की हवेली
सबसे पहल्या खाटू गठजोड़े की जात लागे
यो श्याम धणी भई मेरे धणी रो बाप लागे....

जद यो बाबा ने भजन सुनावे
नाचण की मेरे मन में आवे
घुंघटा और लाम्बा काढू चौखा नाच लागे
यो श्याम धणी भई मेरे धणी रो बाप लागे....

कैसा बण्यो है संजोग रोऊँ मैं या हंसू मैं
जां का दर्शन ने आई वा से ही घूँघट काढू मैं....

की के आगे रोऊँ बनवारी यो दुखडो
कोन्या देख पाई मैं तो श्याम को मुखडो
साँची बात मेरी सबने मज़ाक लागे
यो श्याम धणी भई मेरे धणी रो बाप लागे....

श्रेणी : खाटू श्याम भजन

13/08/2024

॥ श्री शिव वन्दना ॥ (तर्ज - तेरा जादू न चलेगा ओ सपेरे)

हरि ॐ की तू माला क्यों ना फेरे,
मिट जायेंगे सब दुःख तेरे ॥ टेर ॥

वो भोला भण्डारी है, भक्तों का प्रतिपाला
निर्धन के मन वास करे, सृष्टि रचाने वाला
क्यों भूला है कौल को तेरे

जो उसपे विश्वास करे, पूरी करे वो आशा
कभी न उसे निराश करे, कभी न रखता प्यासा
भण्डार भरे वो तेरे

बहुत बड़ा वो दानी है, पार्वती का प्यारा
निर्धन को है धनी करे, जो सब कुछ वारा
माला फेरो नित सांझ सवेरे है

एक बार जो ॐ कहे, पापों से छुट जाये
उसके सिर पे हाथ धरे, भक्ति मुक्ति पाये
काटे जन्म-जन्म के फेरे

सच्चे मन से ध्यान धरे, वो है शिव को प्यारा
झूठ कपट का त्याग करो, आ जाये डमरू वाला
रहे कदम-कदम संग तेरे



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13/08/2024

गर श्याम से मिलना है
गर श्याम से मिलना है, एक बात समझ लेना,
हारे का साथी है, सदा हार के तुम रहना । ।

मीरा भी हारी थी, गिरधर को पाई थी,
विष अमृत कर पाया, मोहन को रिझाई थी,
नयनों में श्याम बसा, विषपान किया करना ।।

नरसी जब हारा था, सांवरिया आया था,
धर भेष सेठिये का, क्या माल लुटाया था,
तारों से तार मिला, मन पीड़ा सुना देना ।।

एक मित्र सुदामा था, सर्वस्व अपना हारा,
इस मुरली मनोहर ने, अपना सब कुछ वारा,
तू दीन हीन बनकर, चरणों में रहा करना । ।

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13/08/2024

*तर्ज..तुम पग पग पर*

श्याम मेरे श्याम,मेरे श्याम,मेरे श्याम,
हाथ मेरा भी लो अब थाम,
मैं हार गया हूँ बाबा,
हारे का साथ निभाओ,
मैं बैठा बांह पसारे,इक बार तो हाथ बढ़ाओ,
मैं हार गया हूँ बाबा........।

हारे का साथ निभाना,तेरा दस्तूर पुराना,
मेरी उम्मीद भी तुम हो,
प्रभु मुझको भूल ना जाना,
काँटों के इस जीवन में,
इक बार तो फूल खिलाओ,
मैं बैठा बांह पसारे,इक बार तो हाथ बढ़ाओ,
मैं हार गया हूँ बाबा........।

विपदा ने घेर लिया है,जख्मों ने ढेर किया है,
मैं आस लगाऊं किससे,सबने मुंह फेर लिया है,
है आस की डोर ये नाजुक,
मुझे आकर धीर बंधाओ,
मैं बैठा बांह पसारे,इक बार तो हाथ बढ़ाओ,
मैं हार गया हूँ बाबा........।

माना की आँखें ये नम हैं,होठों पे आया दम है,
मैं हार गया हूँ लेकिन,विश्वास मेरा कायम है,
अब दूर करो दुःख मेरा,खुशियों के दीप जलाओ,
मैं बैठा बांह पसारे,इक बार तो हाथ बढ़ाओ,
मैं हार गया हूँ बाबा........।

खाली जो दर से जाऊं,क्या जग को मैं बतलाऊँ,
होगी बदनामी तेरी,जो हरगिज मैं ना चाहूँ,
"माधव" अब हाथ में तेरे,तरसाओ या हर्षाओ,
मैं बैठा बांह पसारे,इक बार तो हाथ बढ़ाओ,
मैं हार गया हूँ बाबा........।

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13/08/2024

मैने सौंपी है,
जीवन की नैया तेरे हाथ,
लोगो से हमने सुना है,
हर दम तू ही देता है,
हारे का साथ,
मैंने सौपी है,
जीवन की नैया तेरे हाथ...

मेरे दोनों हाथ तेरे आगे,
क्या है कमी इनमे तू बतला दे,
क्या वो लकीर नहीं है,
क्या वो तकदीर नहीं है,
या हो नाराज़,
मैंने सौपी है,
जीवन की नैया तेरे हाथ...

इन हाथों को तेरी है दरकार,
मेरे पीछे है पूरा परिवार,
नैया मझधार फसी है,
तेरे होठो पे हँसी है,
क्यों दीनानाथ,
मैंने सौपी है,
जीवन की नैया तेरे हाथ...

जिसे दिया उसे खूब दिया है श्याम,
मुझसे क्या इन्साफ किया है श्याम,
क्या उनके हाथ है ज्यादा,
या फिर औकात है ज्यादा,
बतला दो बात,
मैंने सौपी है,
जीवन की नैया तेरे हाथ...

भक्तो से है क्यों मुख मोड़ लिया,
या तकदीर बदलना छोड़ दिया,
कहता ‘पवन’ ना छूटे,
ये भरोसा ना टूटे,
रख लेना बात,
मैंने सौपी है,
जीवन की नैया तेरे हाथ...

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13/08/2024

जब से थामा है तूने,सांवरिया मेरा हाथ
खुद ही बन जाती मेरी,बिगड़ी हर बात
जब से थामा है तूने,सांवरिया मेरा हाथ
तर्ज किस्मत वालों को.....

हर गया था मैं तो मनमोहन
पतझड़ सा बन गया था ये जीवन
नज़र उठा के जब तूने देखा
बदल गयी इस किस्मत की रेखा
अब तो रहता है मेरे,हर पल तू साथ
जब से थामा है तूने, सांवरिया मेरा हाथ

तूने किया मेरे लिए जितना
कोई नहीं कर सकता है उतना
क़र्ज़ तेरा मैं कैसे चुकाऊंगा
अहसान तले दबा हूँ मैं इतना
हारे का साथी तू ही,दीनो का नाथ
जब से थामा है तूने,सावरिया मेरा हाथ

परवाह नहीं जो भंवर में नैया है
अब तो मेरे साथ कन्हैया है
अमन तू कभी डूब नहीं सकता
श्याम ने पकड़ी तेरी बईया है
कर देगा पार ये नैया,बिन पतवार
जब से थामा है तूने सांवरिया मेरा हाथ
खुद ही बन जाती मेरी,बिगड़ी हर बात

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13/08/2024

जरा सोचो कन्हैया

जरा सोचो कन्हैया, जमाना क्या कहेगा
तेरे होते हुए भी,कहीं जाना पड़ेगा ।।

सिवा तेरे कभी भी न मांगा है किसी से
मेरी तो हर जरूरत हुई पुरी है तुमसे
कहीं मैं और जाऊं तो क्या ये अच्छा लगेगा
तेरे होते हुवे भी कहीं जाना पड़ेगा
जरा सोचो कन्हैया,,, ।।

मेरी हस्ती तुम्हीं से ये सारे जानते हैं
तुम्हारे नाम से ही मुझे पहचानते हैं
हंसे मुझ पर जमाना तुम्हें कैसा लगेगा
तेरे होते हुए भी कहीं जाना पड़ेगा
जरा सोचो कन्हैया,,,,, ।।

कभी मुझमें है कोई तभी तो मैं हु हारा
भुल कर दोष मेरा मुझे दे दो सहारा
वर्ना हारे का साथी कौन तुमको कहेगा
तेरे होते हुए भी कहीं जाना पड़ेगा
जरा सोचो कन्हैया,,,,, ।।

जीवु जब तक मैं सोनु छुटे ना साथ तेरा
सिवा‌ तेरे कहीं भी ना फैले हाथ मेरा
ग‌ई जो लाज मेरी ये तु कैसे सहेगा
तेरे होते हुए भी कहीं जाना पड़ेगा
जरा सोचो कन्हैया,,,, ।।

जय श्री श्याम ,,,,,

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13/08/2024

।। श्री शिव वन्दना ||(तर्ज : एक तेरा साथ हमको...)

ॐ नमः शिवाय, भज ॐ नमः शिवाय,
कावड़िया कष्ट तेरा मिट जायेगा,
बाबा के दरशन पायेगा | |टेर ||

सबसे सरल शिव है, सम्पूर्ण सृष्टि में, सभी ने माना है
भक्ति की परीक्षा है, ये यात्रा तेरी, कावड़ तो बहाना है। गंगाधारी को, गंगाधारी को पगले क्या गंगाजल चढ़ायेगा । ॐ नमः शिवाय

दिन सात का वैरागी, क्या छोड़ दिया तुमने, क्या तेरे पास है। घट-घट का वो स्वामी, बाबा औघड़दानी, शमशान में वास है | मोह-माया तज दे, मोह माया तज देगा तो बाबा की किरपा पायेगा ।
ॐ नमः शिवाय

कांटो से डर ना “पवन”, छालों की क्या चिन्ता,
बाबा जब साथ है
ये पांव तेरे घायल, धरती पे पड़ते जब, नीचे बाबा का हाथ है तू हिम्मत ना हार, तू हिम्मत ना हार
वर्ना, बाबा खुद आ जायेगा । गोदी में तूझे ले जायेगा ।
ॐ नमः शिवाय

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13/08/2024

तेरी किरपा से श्याम प्रभु हर काम मेरा हो जाता है,
करने वाला तू ही है बस नाम मेरा हो जाता है,
तर्ज भला किसी का कर ना सके तो...

क्या क्या काम किये है तूने कैसे मैं गुणगान करू,
मेरी तो औकात ही क्या है कैसे तेरा बखान करू,
मेरे नाम का बजे जो डंका तुहि तो बजवाता है,
करने वाला तू ही है बस नाम मेरा हो जाता है,
तेरी किरपा से श्याम प्रभु हर काम मेरा हो जाता है,

गलती पर गलती मैं करता फिर भी तूने माफ़ किया,
सबने मुझको छोड़ दियां तब तुमने ही प्रभु साथ दियां,
भटक जाये जो राह से अपनी मंजिल उसे दिखता है,
करने वाला तू ही है बस नाम मेरा हो जाता है,
तेरी किरपा से श्याम प्रभु हर काम मेरा हो जाता है

नाम तेरा सुन कर ये सोचा तेरे दर पे आउगा,
क्या मालूम था स्वर्ग सी मस्ती आकर के यहाँ पाउगा,
मस्ती में दीवाना मन ये झूम झूम कर गाता है,
करने वाला तू ही है बस नाम मेरा हो जाता है,
तेरी किरपा से श्याम प्रभु हर काम मेरा हो जाता है,

डुब न जाये नैया मेरी इतनी ये अरदास करो,
तेरे भरोसे मेरी गाड़ी फिर भी मैं क्यों आह भरु,
जन्म जन्म तक साथ रहे बस अब महेश ये चाहता है,
करने वाला तू ही है बस नाम मेरा हो जाता है,
तेरी किरपा से श्याम प्रभु हर काम मेरा हो जाता है

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13/08/2024

जीतने वाले के सब साथी है ये हारे का सहारा ,
ऐसा श्याम हमारा ऐसा श्याम हमारा,
जिसकी नइयाँ इसने थामी भव से पार उतारा,
ऐसा श्याम हमारा ऐसा श्याम हमारा,

जिस के संग में हो कन्हैया उसकी न डूबे नइया,
मझधार भी क्या कर लेगा जब साथ हो ऐसा खिवैयाँ,
इस की किरपा से ही चलता हम जैसो का गुजारा,
ऐसा श्याम हमारा ऐसा श्याम हमारा,

कलयुग में डंका भजता घर घर में इसकी कहानी,
खाटू से भेजता रहता भगतो को दाना पानी,
गूंज रहा सारी दुनिया में इक यही बस नारा,
ऐसा श्याम हमारा ऐसा श्याम हमारा,

जो जग से हार के आता ये उसको गले लगाता,
ये इसी लिये तो जग में हारे का साथी कहलाता,
कहे पवन जो शरण में आये कभी नहीं वो हारा,
ऐसा श्याम हमारा ऐसा श्याम हमारा,

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13/08/2024

तर्ज़ :- मिलती है ज़िंदगी मे मोहब्बत कभी कभी

आई है बाबा श्याम की, कीर्तन की शुभ घड़ी,
होती है सांवरे की, कृपा कभी कभी,
आई है बाबा श्याम की.......

पल जो मिले है श्याम के, संग मे गुज़ार ले,
करके भजन तू श्याम का, जीवन संवार ले,
आई है जब से श्याम से, मिलने की शुभ घड़ी,
होती है बाबा श्याम से, बाते कभी कभी,
आई है बाबा श्याम की.......

बैठे है बाबा सामने ,दिल की ज़रा कहो,
मौका है नसीब से, फिर दूर क्यो रहो,
होती है ऐसे श्याम की, किरपा कभी कभी,
होती है बाबा श्याम से, बाते कभी कभी,
आई है बाबा श्याम की.......

आई है बाबा श्याम की, कीर्तन की शुभ घड़ी,
होती है सांवरे की, कृपा कभी कभी,
आई है बाबा श्याम की.......

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13/08/2024

(तर्ज - फूल तुम्हें भेजा है.....)

ओ मनमोहन मुरली वाले, छोटी सी अरदास मेरी ।
जब भी बाबा श्याम पुकारूँ, मत करना पल की देरी ।।

जब से होश सम्हाला मोहन, तेरा ही गुणगान किया।
तेरे दर पर शीश झुकाया, तेरा ही बस ध्यान किया।
तुम ही नैया, तुम्हीं खिवैया, तुम ही हो पीड़ाहारी || १||

थारै सूं म्हारी प्रीत पुराणी, खाटूवाले साँवरिया।
कैसे हिवड़ो खोल दिखाऊँ, बोलो नटवर नागरिया ।
तुम ही मेरे जीवन साथी, तुम ही मेरे हितकारी ॥ २ ॥

झूठे है सब रिश्ते नाते, झूठी दुनियादारी है।
साँचो प्रेम जगत मँ थारो, साँची थांरी यारी है।
मन में है विश्वास तुम्हारो, दिल में है मूरत प्यारी || ३ ||

थारी किरपा से ही मोहन, ये जीवन गुलजार हुवा।
जो भी चाहा सब कुछ पाया, मुझको तुझसे प्यार हुवा। श्याम बहादुर "शिव" की विनती, सुनना हे लीलाधारी ॥।

लिखित भजनों के ग्रुप से.......
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