19/11/2021
Shriram Super 111
अवधि --> 80 से 85 दिन
गुण --> यह 85 दिन की किस्म है। इसके पौधे की लम्बाई 107 सेमी तक होती है। यह किस्म Brown rust की प्रतिरोधी है।
Shriram Super 152
अवधि --> 95 से 97 दिन
गुण --> यह 95 से 97 दिन की किस्म है। इसके पौधे की लम्बाई 102 सेमी होती है।
HD 2967
अवधि --> 155 से 157 दिन
गुण --> यह लम्बे कद की किस्म है। इसके पौधे की लम्बाई 101 सैंमी होती है। इसके दाने सुनहरे, मध्यम, सख्त और चमकदार होते हैं। यह लगभग 157 दिनों में पक जाती है। यह पत्तों के पीलेपन और भूरेपन से रहित है। इसकी औसत पैदावर 21.5 क्विंटल प्रति एकड़ है।
HD 2851
अवधि --> 125 से 130 दिन
गुण --> यह 130 दिन की किस्म है। इसके पौधे की लम्बाई 80 से 90 सेमी तक होती है। इसके दानो में 11 से 12 % प्रोटीन की मात्रा होती है।
HD 3086 (PusaGautam)
अवधि --> 125 से 130 दिन
गुण --> इस किस्म की औसत पैदावार 23 क्विंटल प्रति एकड़ है। यह पीली और भूरी जंग के प्रतिरोधी है। अच्छे किस्म के बरैड बनाने के सभी गुण/तत्व इस किस्म में मौजूद हैं।
UNNAT PBW 343
अवधि --> 150 से 155 दिन
गुण --> यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और समय पर रोपाई के लिए उपयुक्त है। पकने के लिए 155 दिनों का समय लेती है। इसकी औसत पैदावार 23.2 क्विंटल प्रति एकड़ है।
करण वंदना (DBW 187)
अवधि --> 110 से 120 दिन
गुण --> करण वंदना (DBW 187) पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, असम और पश्चिम बंगाल के उत्तर पूर्वी मैदानी क्षेत्रों की सिंचित समय पर बुवाई की जाने वाली नवीनतम गेहूँ की किस्म है।यह पत्तों के झुलसने और उनके अस्वस्थ दशा जैसी महत्त्वपूर्ण बीमारियों के खिलाफ बेहतर प्रतिरोध करता है। बुवाई के 77 दिनों बाद करण वंदना फूल देती है और 120 दिनों बाद परिपक्व होती है। इसकी औसत ऊँचाई 100 सेमी है पैदावार 25 से 27 क्विंटल प्रति एकड़ है
HW-5207
अवधि --> 120 से 130 दिन
गुण --> गेहूं की यह किस्म कम सिचाई में भी भरपूर उत्पादन देती है । यह औसतन 40.76 क्विन्टल प्रति हेक्टेयर उपज देने वाली किस्म है यह लीफ रस्ट व स्टेम रस्ट के प्रतिरोधी किस्म है ।
सुजाता
अवधि --> 120 से 130 दिन
गुण --> गेहूं की यह किस्म काला व भूरा गेरुआ रोग सहनशील है व असिंचित अवस्था के लिये उपयुक्त है यह 130 दिन में पकती है व इसका उत्पादन 13 -17 क्विन्टल प्रति हेक्टेयर की दर से होता है ।
सोनालिका
अवधि --> 110 से 120 दिन
गुण --> इस किस्म की अधिकतर देर से बुवाई की जाती है। इसके दाने मोटे होते है और गेरूआ से प्रतिरोधक है। यह 110 दिनों में पककर तैयार हो जाती है। इससे प्रति हेक्टेयर 30 से 35 क्विंटल उपज मिल जाती है।
पूसा तेजस (HI 8759)
अवधि --> 115 से 125 दिन
गुण --> इस किस्म की बुवाई 10 नवम्बर से 25 नवम्बर तक की जाती है। यह गेरूआ, करनाल बंट और खिरने की समस्या के प्रति अवरोधी किस्म है। इसमें 3 से 5 सिंचाई करनी होती है। यह 115 से 125 दिनों में पककर प्रति हेक्टेयर 65 से 75 क्विंटल पैदावार देती है।
पूसा मंगल (HI 8713)
अवधि --> 120 से 125 दिन
गुण --> इस किस्म की बुवाई 15 नवम्बर से 25 नवंबर तक की जाती है। इसका दाना हल्का होता है। इसके पौधे की लंबाई 80 से 85 सेंटीमीटर होती है। इसमें 3-4 सिंचाई की जाती है। यह 120 से 125 दिन में पककर 50 से 60 क्विंटल तक पैदावार देती हैं।
पूसा यशस्वी (HD -3226 )
अवधि --> 120 से 130 दिन
गुण --> इस किस्म की बुवाई 5 नवंबर से 25 नवंबर तक कर सकते है। इसकी खेती जम्मू कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के लिए उपयुक्त है। यह करनाल बंट, फफूंदी और गलन रोग से प्रतिरोधक हैं। इससे प्रति हेक्टेयर 60 से 80 क्विंटल की उपज ले सकते है।
पूसा अनमोल (HI 8737)
अवधि --> 125 से 130 दिन
गुण --> यह कठिया गेहूं की किस्म है। इसका दाना आकार में बड़ा होता है। इसमें पौधा गिरने और खिरने की समस्या नहीं आती है। यह 125 से 130 दिनों में पककर 60-70 क्विंटल तक पैदावार देती है।
DBW - 222
अवधि --> 140 से 150 दिन
गुण --> यह किस्म 'करण नरेंद्र' के नाम से भी जानी जाती है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल बोई जाती है। इसकी बुवाई 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक कर सकते हैं। पौधे की ऊंचाई 90 से 100 सेंटीमीटर तक हो जाती है। अन्य किस्मों से अपेक्षाकृत 20 से 25 फीसदी कम पानी की आवश्यकता होती है। 140 से 150 दिन में पूरी तरह पककर तैयार हो जाती है। औसतन पैदावार 70 से 80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है।
DBW - 303
अवधि --> 110 से 120 दिन
गुण --> यह किस्म 'करण वैष्णवी' के नाम से भी जानी जाती है। यह गेहूं की सबसे नई किस्म है। पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश में इसे बोया जाता है। इसमें 12 से 15 किल्ले तक हो सकते हैं। इसकी बुवाई 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक कर सकते हैं। पौधे की ऊंचाई 85 सेंटीमीटर तक होती है।औसतन पैदावार 81.2 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होती है।
श्रीराम सुपर 303
अवधि --> 99 से 100 दिन
गुण --> यह कम अवधि में अच्छा उत्पादन देने वाली उन्नत किस्म है। इसके दाने मोटे एवं चमकदार होते हैं। कल्लों की संख्या 18 से 20 प्रति पौधा तक होती है।औसतन पैदावार 27 से 28 क्विंटल प्रति एकड़ हो जाती है। इसकी खेती उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, उत्तराखंड, पंजाब-हरियाणा राज्यों में मुख्य तौर पर की जाती है।
श्रीराम सुपर 252
अवधि --> ---
गुण --> यह अच्छी उत्पादकता और बेहतर गुणवत्ता वाली किस्म है इसके पौधे की लंबाई 90 से 100 सेंटीमीटर तक हो जाती है कल्लों की संख्या 17 से 18 प्रति पौधे होती है। औसतन पैदावार 24 से 25 क्विंटल प्रति एकड़ तक होती है। इसकी खेती मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड आदि राज्यों में मुख्य तौर पर की जाती है।
GW 300
अवधि --> ---
गुण --> इसके दाने चमकदार एवं मोटे होते हैं। पौधे की लंबाई 85 से 90 सेंटीमीटर तक होती है। कल्लों की संख्या 15 से 16 प्रति पौधे होती है। औसतन पैदावार 18 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ तक होती है।इसकी खेती उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, झारखंड, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र में मुख्य तौर पर की जाती है।
स्टार 325
अवधि --> ---
गुण --> यह किस्म पीला रतुआ रोग प्रतिरोधी है। पौधों की ऊंचाई 95 से 100 सेंटीमीटर तक हो जाती है। कल्लों की संख्या 19 से 20 प्रति पौधा तक होती है। औसतन पैदावार 30 से 32 क्विंटल प्रति एकड़ तक होती है। इसकी खेती पंजाब, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में मुख्य तौर पर की जाती है।
BWS 323
अवधि --> 135 से 140 दिन
गुण --> इस किस्म की बालियां पूर्ण रूप से भरी हुई एवं सफेद होती हैं। यह 135 से 140 दिन में पूरी तरह पक कर तैयार हो जाती है। इसके पौधे की ऊंचाई 95 से 100 सेंटीमीटर तक हो जाती है। औसतन पैदावार 27 से 28 क्विंटल प्रति एकड़ तक होती है। इसकी खेती उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड में मुख्य रूप से की जाती है।
Syngenta S.W -23
अवधि --> 125 से 130 दिन
गुण --> यह किस्म 125 से 130 दिन में पूरी तरह पक कर तैयार हो जाती है। इसके पौधे की ऊंचाई 92 से 95 सेंटीमीटर तक होती है।
कल्लों की संख्या 18 से 20 प्रति पौधा होती है। औसतन पैदावार 25 से 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसकी खेती पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ राज्यों में मुख्य तौर पर की जाती है।
श्रीराम सुपर 272
अवधि --> ---
गुण --> इस किस्म की बाली लंबी एवं आकर्षित होती हैं। कल्लों की संख्या 17 से 18 प्रति पौधा होती है। पौधे की ऊंचाई 90 से 95 सेंटीमीटर तक हो जाती है।औसतन पैदावार 23 से 24 क्विंटल प्रति एकड़ तक होती है। इसकी खेती पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में मुख्य तौर पर की जाती है।
PBW 550
अवधि --> 140 से 145 दिन
गुण --> यह अगेती किस्म है। पीला रतुआ रोग प्रतिरोधी किस्म है। 140 से 145 दिन में पूरी तरह पककर तैयार हो जाती है। पौधे की लंबाई 84 से 86 सेंटीमीटर तक होती है। औसतन पैदावार 22 से 30 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। इसकी खेती पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड में मुख्य तौर पर की जाती है।
WH 1105
अवधि --> 150 से 157 दिन
गुण --> यह किस्म पीला रतुआ रोग प्रतिरोधी है। पौधे की लंबाई 95 से 97 सेंटीमीटर तक हो जाती है 150 से 157 दिन में पूरी तरह पककर तैयार हो जाती है। औसतन पैदावार 23 से 24 क्विंटल प्रति एकड़ होती है।इसकी खेती उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा में मुख्य तौर पर की जाती है।