16/10/2022
स्नेह की परिभाषा ही बदल दी इस तस्वीर ने 😢
आज के युग में जिसे आप आत्मीय प्रेम दोगे वही आप को निगल जाएगा ! विश्वास ही विष हैं ! गलत कहावत नहीं हैं!!
पतन हो गया हैं सबंधो में अपनेपन का !!
चूहा दिल से खेल रहा था मेढक दिमाग से खेल गया 👍