20/04/2023
एक बार अमेरिका में तक़रीबन पंद्रह साल का एक लड़का एक जेनरल स्टोर से कुछ सामान चोरी करते हुए पकड़ा गया। पकड़े जाने पर गार्ड की गिरफ्त से भागने की कोशिश में उससे स्टोर का एक शेल्फ भी टूट गया,लेकिन अंततः उसे पकड़ लिया गया औऱ पुलिस के हवाले कर दिया गया।उसके बाद पुलिस ने उस बच्चे को न्यायालय में हाज़िर किया।
जज ने सबसे पहले बहुत गंभीरता से उसका जुर्म सुना और फ़िर लड़के से पूछा, "तुमने क्या सचमुच कुछ चुराया था"??
"जी हाँ...ब्रैड और पनीर का पैकेट" ,लड़के ने अपनी नज़रें नीची कर के जवाब दिया।
जज, 'क्यों ?'
लड़का, 'मुझे ज़रूरत थी।'
जज, खरीद लेते।'
लड़का, 'पैसे नहीं थे ।'
जज, 'घर वालों से ले लेते।'
लड़का, 'घर में सिर्फ मां है, बीमार और बेरोज़गार है, ब्रैड और पनीर भी उसी के लिए चुराई थी।'
जज, 'तुम कुछ काम नहीं करते ?'
लड़का, 'करता था एक कार धुलाई स्टोर में। मां की देखभाल के लिए एक दिन की छुट्टी की थी, तो मुझे निकाल दिया गया वहाँ से ।'
जज, 'तुम किसी से मदद मांग लेते?'
लड़का, 'सुबह से घर से निकला था, तकरीबन पचास लोगों के पास गया लेकिन किसी ने भी मदद नहीं की। बिल्कुल आख़िर में मज़बूर होकर ये क़दम उठाया।'
बहस ख़त्म हुई.......
जज ने एक लंबी सांस लेकर फैसला सुनाना शुरू किया, 'किसी भी तरह की चोरी बहुत शर्मनाक जुर्म है लेकिन बच्चे के इस जुर्म के लिए हम सब औऱ हमारा समाज भी बराबर के ज़िम्मेदार हैं।''अदालत में मौजूद हर शख़्स मुझ सहित मुजरिम हैं, इसलिए यहाँ मौजूद प्रत्येक शख़्स पर दस-दस डालर का जुर्माना लगाया जाता है। दस डालर दिए बग़ैर कोई भी कोर्ट रूम से बाहर नहीं निकल सकेगा।'
ये कह कर जज ने दस डालर अपनी जेब से बाहर निकाल कर सामने मेज़ पर रख दिए और फिर पेन उठाया तथा लिखना शुरू किया:-'इसके अलावा मैं स्टोर पर एक हज़ार डालर का जुर्माना करता हूं कि उसने एक भूखे बच्चे की मजबूरी को न समझते हुए ग़ैर इंसानी सुलूक कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया क्योंकि प्रत्येक नागरिक की समाज के प्रति भी कुछ जिम्मेदारी बनती है औऱ वो इससे बच नहीं सकता। अगर चौबीस घंटे में जुर्माना जमा नहीं किया गया तो कोर्ट स्टोर सील करने का हुक्म दे देगी।'इसके साथ ही जुर्माने की पूर्ण राशि इस लड़के को देकर कोर्ट उस लड़के से माफी तलब करती है।
फैसला सुनने के बाद कोर्ट में मौजूद लोगों के आंखों से आंसू तो बरस ही रहे थे, उस लड़के की भी हिचकियां बंध गईं। वह लड़का बार बार जज को देख रहा था जो अपने आंसू छिपाते हुए अदालत से बाहर निकल गये