10/11/2024
बनारस आ हम (कविता संग्रह)
लेखिका: नेहा झा मणि
प्रकाशक: मैत्रीय प्रकाशन, दिल्ली
मूल्य:200/-
नेहा झा मणि जीक कवितामे मनुक्खकेँ सृष्टिसँ रागात्मक सम्बन्ध स्थापित करबैत प्रतीत होइत अछि। ‘बनारस आ हम’ हिनक दोसर मैथिली कविता संग्रह अछि, एहिसँ पहिने हिनक मैथिली कविता संग्रह ‘अँगनामे अकास’ बेस प्रशंसित भेल अछि। हिनक कविता स्त्रीक मोनक अथउथ तँ प्रस्तुत करिते अछि, संगहि संग समाजक विद्रुपता, प्रेम-सौंदर्यक अनुभूति आदि विषयकेँ सेहो सहेजने रहैत अछि। मैथिलीसँ इतर हिनक एकगोट हिन्दी कविता संग्रह सेहो प्रकाशित छनि।मंगरौनीक बेटी मनिकौलीक पुतहुकेँ बनारसमे रहि स्वरोजगार संग,लेखन आ मैथिलीक आर गतिविधिमे लीन रहैत छथि,हिनक ई मेहनति हमरा बेस आकर्षित करैत अछि।ई कहबामे दूमत नहि जे बनारस धरतीक स्वर्ग अछि, एकरा मुक्तिक द्वार सेहो कहल जाइत छैक। बनारसक माटि पानिमे जेना कविता घोरल अछि, ई शहर कतेको महान कविक स्मृतिकेँ अपना अन्दर संजओने अछि। नेहा जीक ई कविता संग्रह ‘बनारस आ हम’ अनुभवशील आ भावुक कविताक संग्रह अछि। एहिमे संकलित कविता बनारसक सौंदर्य, प्रकृति आ प्रेमक अद्भुत वर्णन करैत अछि। कविता पढ़लासँ एना बुझना जाइत अछि जेना बनारस कवयित्रीक अंतर्मनकेँ कविता लिखबा लेल प्रेरित करैत छनि झमारैत छनि।हिनक दोसर मैथिली पोथी हमरा प्रभावित कयलक,अहुँ सभकेँ रुचत ताहि आस आ शुभकामना संग प्रस्तुत अछि...।
-उज्ज्वल कुमार झा