24/07/2025
हरहरमहादेव
आज बात करते हैं
चन्द्र देव... व उनके प्रसन्नता हेतु उत्तम उपाय की
क्या हैं चन्द्रमा आखिर
👉चन्द्रमा = मन, माँ,विचार, सोच, चंचलता, मिलने की उत्कंठा, हड़बड़ी, जल्दी बाजी, द्रव्य का व्यापार
ससुराल से लाभ, दुश्मन से भी हस के बात करने वाला
जल्दी किसी को दुखी ना करने वाला
हर रिस्ता को बार बार बनाने का प्रयास करने वाला
जल्दी गलती करे जल्दी शर्मिंदा हो ले जल्दी छमा मांग ले
मस्तिष्क से होने वाले रोग
सर के रोग हड्डी मे मज्जा,
जल का प्रति निधित्त्व, मार्किट मे डाउन ओर एबब.
जलीय क्षेत्र या जलीय जहाज, नाविक, जल पोत
नेवी के कर्म चारी अधिकारी आदि.
घबराहट, ज्यादा सोचना, व्यर्थ के विचार आना
दिन रात्रि सोचना, अधिक स्वप्न आना
मासिक धर्म मे कमी, वीर्य का नाश, प्रेम पाने को लालाईत
गोल मटोल शरीर, शीत वाता, उदासी मे रहना
सब चन्द्रमा के 💫कारकता वाले विषय हैं.
दूध दही, चावल, ज्वार,चीनी, स्टील, चांदी, जल, बर्फ
इसके प्रति निधित्व
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रामानंदी अंकुश त्रिपाठी की लेख ✍️
इसे प्रसन्न करना हैं तो
शिव उपासना सर्वाधिक श्रेष्ठ हैं
क्युकी समुद्र से उतपन्न चन्द्रमा को भगवान शिव ने धारण किआ टेंडा होने के बाद भी पल पल रंग रूप स्वाभाव बदलने के बाद भी,
स्वेत पुष्प अर्चन, मासिक पूर्णिमा व्रत
या द्वादशी व्रत
या सोमबार व्रत
आइये जाने सोमवार व्रत विधि
👉यह व्रत चैत्र, श्रावण, वैशाख, कार्तिक, मार्ग शीर्ष के महीने के शुक्ल पक्ष के किसी भी सोमवार से आरम्भ करे
व्रत संख्या 11,16,23,31,54, की संख्या मे रहे.
प्रयास करे व्रत निराहार रहे, या अल्पहार रहे, फलाहार रहे,.
नहीं बनता रात्रि पूर्व भोजन करे भोज मे ली जाने वाली वस्तु
= दूध दही चावल खीर मखाना खीर साबूदाना खीर,
7-9-21-31 ग्रास मे खाये
उसके पहले चन्द्रमा को भोग लगाए
रात्रि मे
दिन मे शिव की को भोग लगाए उसी का
फिर निजी आजीविका काम मे लगे
उस दिन
स्वेत वस्त्र, गमछा, दुपट्टा धारण करे,
स्वेत चंदन लगाए,
शिव पूजा दिन मे विधि वत करे
रात्रि मे चन्द्रमा अर्घ
ॐ चन्द्रमसे नम :
का जाप 11 माला करे या दिन भर अजपा जाप करे.
रामानंदी की लेख ✍️
नमा शिवाय का जाप भी कर सकते हैं
आखिरी सोमबार उद्यापन करे वेद पाठी विधरर्थी को दान दे
पुरोहित को दक्षिणा मे चांदी का सिक्का दे.
खीर का ही हवन करे
हवन समिधा पलाश की हो.
यह व्रत व्यापार वर्धक, ओर मानसिक क्लेश से जूझ रहे व्यक्ति के लिए लाभ प्रद हैं
यह विधि अन्य पुराण शास्त्र से प्रथक हो सकती हैं
इसलिए इसे गलत कहना आपके लिए उचित नहीं हैं
मन के हारे हार हैं मन के जीते जीत
चन्द्रमा रूपी मन हि हार जीत का कारण हैं
बंधन मुक्ति का कारण हैं
याद रहे जिस चाभी से ताला बंद होता हैं उसी से खुलता हैं
आपका बंधन अगर मन से हुआ हैं तो निश्चित मुक्ति भी उसी मन से ही पाएंगे.
सीताराम बंधुओ 🚩🚩🙏🙏🙏
नम : पार्वतीपतये हरहरमहादेव..
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