Gujrat Bazar

Gujrat Bazar We advertise products and services on various medium including Facebook, Websites, Print Media, Outd

29/01/2016
tarnetar fair...........
10/10/2013

tarnetar fair...........

garba ramo........
09/10/2013

garba ramo........

कच्छ जिला भारत के पश्चिम में स्थित गुजरात राज्य का क्षेत्रफल का दृष्टि से सबसे बड़ा जिला है| इसका क्षेत्रफल - 45,612 वर्...
08/10/2013

कच्छ जिला भारत के पश्चिम में स्थित गुजरात राज्य का क्षेत्रफल का दृष्टि से सबसे बड़ा जिला है| इसका क्षेत्रफल - 45,612 वर्ग कि.मी. है| ऐसा माना जाता है कि कच्छ नाम , जिले के कछुएं जैसी आकृति के कारण पड़ा है | प्राचीन महानगर धोलावीरा , जहां पुरातन सिन्धु संस्कृति विकसित हुई थी , कच्छ जिलें में स्थित है | कच्छ में प्रायः कच्छी बोली व गुजराती भाषा का प्रयोग होता है | कच्छ कि उत्तर दिशा में पडोसी देश पाकिस्तान , पश्चिम में अरब सागर तथा दक्षिण में कच्छ क़ी खाड़ी स्थित है , जों कच्छ को काठीयावाड़ से अलग करता है | कच्छ के उत्तर तथा पूर्व में कच्छ का रण ( रेगिस्तान ) स्थित है | कच्छ कि पूर्व दिशा में रण के विस्तार के पश्चात बनासकांठा जिला स्थित है |

garbo ke rang.........
07/10/2013

garbo ke rang.........

सोमनाथ मंदिर एक महत्वपूर्ण हिन्दू मंदिर है जिसकी गिनती १२ ज्योतिर्लिंगों में होती है । गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वे...
30/09/2013

सोमनाथ मंदिर एक महत्वपूर्ण हिन्दू मंदिर है जिसकी गिनती १२ ज्योतिर्लिंगों में होती है । गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के वेरावल बंदरगाह में स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चन्द्रदेव ने किया था । इसका उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है । इसे अब तक १७ बार नष्ट किया गया है और हर बार इसका पुनर्निर्माण किया गया ।
सोमनाथ का बारह ज्योतिर्लिगों में सबसे प्रमुख स्थान है। सोमनाथ मंदिर विश्व प्रसिद्ध धार्मिक व पर्यटन स्थल है। मंदिर प्रांगण में रात साढे सात से साढे आठ बजे तक एक घंटे का साउंड एंड लाइट शो चलता है, जिसमें सोमनाथ मंदिर के इतिहास का बडा ही सुंदर सचित्र वर्णन किया जाता है। लोककथाओं के अनुसार यहीं श्रीकृष्ण ने देहत्याग किया था। इस कारण इस क्षेत्र का और भी महत्व बढ गया। ऐसी मान्यता है कि श्रीकृष्ण भालुका तीर्थ पर विश्राम कर रहे थे। तब ही शिकारी ने उनके पैर के तलुए में पद्मचिन्ह को हिरण की आंख जानकर धोखे में तीर मारा था। तब ही कृष्ण ने देह त्यागकर यहीं से वैकुंठ गमन किया। इस स्थान पर बडा ही सुन्दर कृष्ण मंदिर बना हुआ है।

पालीताना भावनगर जिला स्थित एक जैन धर्म का तीर्थ शहर है। यह भावनगर शहर से ५० कि.मी दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित है। [1] प...
29/09/2013

पालीताना भावनगर जिला स्थित एक जैन धर्म का तीर्थ शहर है। यह भावनगर शहर से ५० कि.मी दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित है। [1] पालीताना शत्रुंजय नदी के तट पर शत्रुंजय पर्वत की तलहटी में स्थित जैन धर्म का प्रमुख तीर्थ है। जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध पलीताना में पर्वत शिखर पर एक से बढ़कर एक भव्य व सुंदर 863 जैन मंदिर हैं। सफ़ेद संगमरमर में बने इन मंदिरों की नक़्क़ाशी व मूर्तिकला विश्वभर में प्रसिद्ध है। 11वीं शताब्दी में बने इन मंदिरों में संगमरमर के शिखर सूर्य की रोशनी में चमकते हुये एक अद्भुत छठा प्रकट करते हैं तथा मणिक मोती से लगते हैं। पालीताना शत्रुंजय तीर्थ का जैन धर्म में बहुत महत्त्व है। पाँच प्रमुख तीर्थों में से एक शत्रुंजय तीर्थ की यात्रा करना प्रत्येक जैन अपना कर्त्तव्य मानता है। मंदिर के ऊपर शिखर पर सूर्यास्त के बाद केवल देव साम्राज्य ही रहता है। सूर्यास्त के उपरांत किसी भी इंसान को ऊपर रहने की अनुमति नहीं है। पालीताना के मन्दिरों का सौन्दर्य व नक़्क़ाशी का काम बहुत ही उत्तम कोटि का है। इनकी कारीगरी सजीव लगती है। पालीताना का प्रमुख व सबसे ख़ूबसूरत मंदिर जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का है। आदिशवर देव के इस मंदिर में भगवान की आंगी दर्शनीय है। दैनिक पूजा के दौरान भगवान का श्रृंगार देखने योग्य होता है। 1618 ई. में बना चौमुखा मंदिर क्षेत्र का सबसे बड़ा मंदिर है। कुमारपाल, मिलशाह, समप्रति राज मंदिर यहाँ के प्रमुख मंदिर हैं। पालीताना में बहुमूल्य प्रतिमाओं आदि का भी अच्छा संग्रह है।

मिलें अवशेषों के आधार पर कच्छ प्राचीन सिन्धु संस्कृति का हिस्सा माना जाता है | सन १२७० में कच्छ एक स्वतंत्र प्रदेश था | ...
28/09/2013

मिलें अवशेषों के आधार पर कच्छ प्राचीन सिन्धु संस्कृति का हिस्सा माना जाता है | सन १२७० में कच्छ एक स्वतंत्र प्रदेश था | सन १८१५ में यह ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन हुआ | रजवाड़े के रूप में कच्छ के तत्कालीन महाराजा ने ब्रिटिश सत्ता स्वीकार कर ली | सन १९४७ में भारत की स्वतंत्रता के बाद कच्छ तत्कालीन ' महागुजरात ' राज्य का जिला बना | सन १९५० में कच्छ भारत का एक राज्य बना | १ नवम्बर सन १९५६ को यह मुंबई राज्य के अंतर्गत आया | सन १९६० में भाषा के आधार पर मुंबई राज्य का महाराष्ट्र और गुजरात में विभाजन हो गया तथा कच्छ गुजरात का एक हिस्सा बन गया |
सन १९४७ में भारत के विभाजन के पश्चात सिंध और कराची में स्थित बंदरगाह पाकिस्तान के अंतर्गत चला गया | स्वतंत्र भारत की सरकार ने कच्छ के कंडला में नवीन बंदरगाह विकसित करने का निर्णय लिया | कंडला बंदरगाह पश्चिम भारत का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह है |
इतिहास में १६ जून सन १८१५ का दिन कच्छ के पहले भूकंप के रूप में दर्ज है | २६ जनवरी २००१ में आया प्रचंड भूकंप का केंद्र कच्छ जिले के अंजार में था | कच्छ के १८५ वर्ष के दर्ज भूस्तरीयशास्त्र के इतिहास में यह सबसे बड़ा भूकंप था |

The Rotary 3060 Dolls Museum in Rajkot is home to more than 1600 dolls from 102 countries around the world.
26/09/2013

The Rotary 3060 Dolls Museum in Rajkot is home to more than 1600 dolls from 102 countries around the world.

Ahmedabad se 185 kilometeres aur  Mount Abu se 20 kilometres ambaji gujrat-rajasthan ki border par "Arasuri Ambaji" ka m...
25/09/2013

Ahmedabad se 185 kilometeres aur Mount Abu se 20 kilometres ambaji gujrat-rajasthan ki border par "Arasuri Ambaji" ka mandir he yah bharat ka prasidh shakti peeth he...

surat aur valsad me bhari barish .........
24/09/2013

surat aur valsad me bhari barish .........

Address

15, Jaroli Trade Center
Neemuch
458441

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Gujrat Bazar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share