06/09/2024
हुलहुल का बच्चा
अभी दो दिन से व्हाट्सएप्प पर एक मंडी की पर्ची घूम रही है "लाल किनोवा" जो 25000 रुपये प्रति क्विंटल बिका। किनोवा को भारत में आये हुए लगभग 15 साल हुए है। इन 15 साल में बहुत से उतर चढाव इस फसल ने देखे है। राजस्थान सरकार के पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी जी के कार्यकाल में किसानो को किनोवा बीज उपलब्ध करवाया गया था अब मंत्री जी को किसने इस चमत्कारी फसल के बारे में बताकर ये सुझाव दिया पता नहीं लेकिन बीज भरपूर दिया गया। हमारे यहाँ तो एग्रीमेंट वाले आ गए 1000 रुपये किलो बीज हमसे लेना और 100 रुपये किलो फसल वापस देना। मना करने के बाद भी कई लोग नहीं माने और लगाया।
नतीजा वही हुआ जिसका डर पहले ही था। जिस किनोवा के भाव कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में 100 रुपये किलो थे वो 8 और 10 रुपये किलो रह गए किसान को 10 -12 हजार रुपये एकड़ के पैसे भी नहीं मिले। कारण था सरकारी मशीनरी ने अखबारी समाचारों और ऑनलाइन भावों को ध्यान में रखा और उस समय अमेज़न पर 1200 रुपये किलो बिकते हुए देखकर एक झटके में किसानो की आय को दो गुना की जगह कई गुना करने का ठान लिया। इस बात का पता ही नहीं था उनको की ये कहाँ तो प्रोसेस होगा कहाँ बेचा जायेगा कोई मार्केटिंग चैनल है या नहीं है। मार्केटिंग नहीं हुई तो क्या होगा।
में गारंटी से कह सकता हूँ तब तक बीज बाँटने वालों ने खाकर भी नहीं देखा होगा की ये है क्या बला है।
खेर उसके बाद भारत में किनोवा की खपत भी बढ़ने लगी और बाजार भी स्थिर होने लगे और एक नई फसल के रूप में किसानो ने किनोवा को अपना लिया है। कम लागत में ठीक आय देने वाली फसल के रूप में इसने अपनी जगह बना ली है। किनोवा के भाव मांग और पूर्ति के संतुलन से चलते है। इस साल शायद मांग ज्यादा है या आपूर्ति कम है रेट सही चल रहे है। इस बीच "लाल किनोवा 25000 रुपये प्रति क्विंटल बिका" के मेसेज ने लोगो के दिमाग में कोतुहल पैदा कर दिया बिलकुल वैसे ही जैसे कभी काले गेहूं के लिए किया था।
खोज बीन करना शुरू किया तो जिसके पास उपलब्ध है बीज उन्होंने रेट बताया 1000 रुपये प्रति किलोग्राम। सक्षम है लोग 1000 रुपये कोई बड़ी राशि नहीं है। अगर कोई 25000 रुपये प्रति क्विंटल क्या 20000 में भी कोई कॉन्ट्रैक्ट करता हो तो लगाने में कोई बुराई नहीं है। बाकि बीज बेचने वाला तो एक-दो टन बीज बेचकर 12 - 15 लाख कमा लेगा लेकिन इस एक टन का जो 12 - 15 हजार क्विंटल उत्पादन आएगा अगर उसका रेट नहीं मिला तो क्या होगा ?
होगा यह की व्यापारी अगले 3 - 4 बेचकर पैसे कमायेगा और किसान के हाथ कुछ नहीं लगेगा। अगर कोई कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग करवा रहा है तो किया जा सकता है में भी इच्छुक हूँ।
Yatin Mehta