09/11/2019
“गिरा अरथ जल बीचि सम कहिअत भिन्न न भिन्न।
बंदउँ सीता राम पद जिन्हहि परम प्रिय खिन्न॥”❤️
बोलिए मर्यादा पुरुषोत्तम राम की जय😢🙏
(इस जयकार के बाद “मर्यादा” शब्द को दोबारा ज़रूर दोहराइए, पालन कीजिए अन्यथा इस समय छलक उठे ख़ुशी के आँसुओं के साथ न्याय नहीं होगा )
JAI SHRI RAM