01/12/2024
तीन दशक पहले लापता हो चुका एक बच्चा आख़िरकार अपने परिवार से मिला।
यह कहानी है, भीम सिंह की जो आज 37 साल के हैं और 1993 में गाजियाबाद में स्कूल से घर जाते समय अपहरण के बाद वह लापता हो गए थे।
दरअसल यह हादसा तब हुआ जब नन्हा भीम सिंह यानी राजू एक ऑटो-रिक्शा में सवार हुआ, उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह सामान्य सा ऑटो कोई गैंग से जुड़ा होगा, जिससे उनका पूरा जीवन बदल सकता है।
वह ऑटो-रिक्शा ड्राइवर एक कुख्यात अपहरण गिरोह का सदस्य था, और मौके का फायदा उठाकर उन्होंने राजू का अपहरण कर लिया। पहले तो गैंग ने परिवार से फिरौती मांगी लेकिन शुरुआती मांग के बाद, आगे किसी ने कोई संपर्क नहीं किया।
बाद में राजू को राजस्थान ले जाया गया, जहां उसे नौकर की तरह काम करवाया गया, लोग उनसे दुर्व्यवहार करते थे। इतना ही नहीं उसे भागने से रोकने के लिए रात में जंजीरों से बांधकर रखा जाता।
सालों बाद, एक बिजनेसमैन को राजू के साथ हुए हादसे का पता चला। उन्होंने देखा कि कैसे उसे जैसलमेर के एक दूरदराज के गांव में पेड़ से बांध कर रखा था।
उसकी दुर्दशा की देखकर उन्होंने मदद करने का फैसला किया और राजू को उसके अतीत के बारे में पूछना शुरू किया। बाद में वो राजू को गाजियाबाद के खोड़ा पुलिस स्टेशन लेकर आएं।
पुलिस अधिकारियों की जांच से राजू की पहचान की पुष्टि हुई और सालों पहले उसके अपहरण की एक पुरानी रिपोर्ट भी मिली। एक लम्बी जाँच प्रक्रिया के बाद आख़िरकार राजू को उनका परिवार मिल गया, जिनसे वह 30 सालों से नहीं मिले थे।
यह मिलन, खुशी और राहत से भरा था, जब तीन दशकों के बाद राजू अपने परिवार से गले मिल सकें ।
अगर मदद का हाथ सही वक़्त पर उस बिजनेसमैन ने नहीं बढ़ाया होता तो शायद राजू को उनका परिवार कभी न मिल पाता।
[Kidnapping | Rescue | Reunion | Human Trafficking | Rescuestory]