Vadic Dhara Ayurveda

Vadic Dhara Ayurveda आयुर्वेदिक औषधियों द्वारा सोरायसिस , बवासीर,जोडो के दर्द का इलाज , & Harbal Hair Oil

02/04/2022
पीसीओडी की समस्या से निजात पाने के घरेलू उपाय1. जंक फूड और फास्ट फूड से बनाएं दूरी।2. रोजाना सुबह दशमूल क्वाथ का सेवन कर...
25/03/2022

पीसीओडी की समस्या से निजात पाने के घरेलू उपाय

1. जंक फूड और फास्ट फूड से बनाएं दूरी।

2. रोजाना सुबह दशमूल क्वाथ का सेवन करे।

3. सुबह उठकर सबसे पहले गर्म पानी पिएं।

4. आंवला, एलोवेरा का जूस फायदेमंद।

5. अंकुरित चीजों का सेवन सुबह-सुबह करे।

6. दशमूला क्वाथ या दशमूलारिष्ट लें।

7. शतावर चूर्ण का सेवन करे

8. अरंडी के तेल से ओवरी की सिकाई करें।

9. सेंधा नमक से सिकाई करें।

10. सेब का सिरका लाभकारी

11. अलसी के बीज से टॉक्सिन निकालने में फायदेमंद।
दालचीनी का पानी पीना लाभकारी

12. गाजर का हलवा में गुड़, अखरोट, पिस्ता, इलायची आदि डालकर बना लें।
गाजर का जूस पिएं।

जानें क्या होता है PCOD, ये हैं लक्षण और इससे बचने के उपायआज के समय में महिला जनसंख्या में से 6-10 प्रतिशत महिलाएं इसकी ...
17/03/2022

जानें क्या होता है PCOD, ये हैं लक्षण और इससे बचने के उपाय

आज के समय में महिला जनसंख्या में से 6-10 प्रतिशत महिलाएं इसकी चपेट में आती हैं. यह महिलाओं को होने वाली आम बीमारी है |

महिलाओं को अपने संपूर्ण जीवनकाल में कई तरह की शारीरिक परेशानियों सो गुजरना पड़ता है. जिसमें पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) भी एक समस्या है. आज के समय में महिला जनसंख्या में से 6-10 प्रतिशत महिलाएं इसकी चपेट में आती हैं. यह महिलाओं को होने वाली आम बीमारी है. और किसी भी वर्ग की महिला या लड़कियों को हो सकती हैं. हमारी फिल्म इंडस्ट्री में भी बहुत फेमस एक्ट्रेस इस समस्या से जूझ रही हैं और उन्होंने इसे लेकर अपने अनुभव भी शेयर किए हैं. ऐसे में आज हम आपको इस PCOS और इससे बचने के उपायों के बारे में बतने जा रहे हैं. आइए जानते हैं -

पीसीओडी एक ऐसी बीमारी है जो आजकल महिलाओं में बेहद ही आम पाई जाती है. पीसीओडी में, हार्मोनल असंतुलन के कारण ओवरी में छोटी-छोटी गांठ या मल्‍टीपल सिस्‍ट बन जाते हैं. जिससे बॉडी मेल हार्मोन की मात्रा बढ़ने लगती है जिसके कारण मुंहासे और चेहरे के बाल बढ़ने लगते हैं. इस समस्‍या के चलते लड़कियां को पीरियड्स में भी कई तरह की प्रॉब्‍लम्‍स का सामना करना पड़ता है. कहा जाता है कि पीसीओडी का सबसे बड़ा कारण आजकल की व्‍यस्‍त और अन्‍हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल है.

इससे बचने के घरेलू उपाय

– जीवनशैली में बदलाव लाया जाए तो इस समस्या को होने से रोका जा सकता है. सही डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद लेकर आप खुद को हेल्दी भी रखें इससे आपकी प्रजनन क्षमता में भी सुधार आता है.

– अगर आपने सूर्यनमस्कार आसन को करना सीख लिया, तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है. यह एकमात्र ऐसा आसन है, जिसे करने से पूरा शरीर फिट हो जाता है और अंदरूनी अंग बेहतर तरीके से काम करने लगते हैं.

– पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम में वजन तेजी से बढ़ता है. अत: मेथी का सेवन करें. मेथी शरीर में ग्लूकोज के चयापचय को बढ़ावा देती है और इंसुलिन को बढ़ने से रोकती है. मेथी के बीजों को रात को पानी में भिगो दें तथा खाली पेट एक चम्मच भीगे हुए बीजों को शहद के साथ लें.

– आयुर्वेदिक चिकित्सा में परंपरागत रूप से कई बीमारियों के इलाज में अश्वगंधा का उपयोग किया जाता है. यह एक ऐसी जड़ी-बूटी है जो मधुमेह से लेकर अवसाद तक की कई स्थितियों का इलाज करती है. यह शरीर के हार्मोन को बैलेंस करके PCOS को कंट्रोल करती है.

– तेज चलने वाली एक्सरसाइज जैसे ब्रिस्‍क वॉक, जॉगिंग करने या योगासन आदि करने से वजन कम होकर इसमें आराम मिलता है.

– तेज मिर्च मसाले वाले, तला हुआ, अधिक चिकनाई वाला खाना नहीं खाना चाहिए. इसकी बजाय फल, बीन्स, बादाम, अखरोट आदि नट्स, हरी सब्जी, चोकर युक्त आटा आदि फाइबर वाला खाना फायदेमंद साबित होता है.

हजारों वर्षों से हमारे आयुर्वेदिक ग्रंथों में उल्लेखित सोरायसिस और फंगस का इलाज
15/03/2022

हजारों वर्षों से हमारे आयुर्वेदिक ग्रंथों में उल्लेखित सोरायसिस और फंगस का इलाज

महिलाओं के लिए खास: त्वचा में निखार और बालों में शाइनिंग के लिए जरूर आजमाएं ये 10 घरेलू नुस्खेमहिलाओं के लिए ब्यूटी टिप्...
12/03/2022

महिलाओं के लिए खास: त्वचा में निखार और बालों में शाइनिंग के लिए जरूर आजमाएं ये 10 घरेलू नुस्खे

महिलाओं के लिए ब्यूटी टिप्स -

हर लड़की के दिल में खूबसूरत दिखने की चाहत होती है। इसके लिए वह तमाम घरेलू नुस्खे और कॉस्मेटिक्स क्रीम का इस्तेमाल करती है। लेकिन, कई बार ड्राई स्किन और हेयर आपकी ब्यूटी को बिगाड़ देती हैं। इसकी वजह से फेस की ग्लो खो जाती है। हेयर बेजान और रुखे दिखने लगते हैं। ड्राई स्किन और हेयर पर ग्लो लाने के लिए 10 घरेलू सौंदर्य सामग्री जिन्हें आप आसानी से यूज कर सकती हैं। इन्हें आप अपने घर में बना सकती हैं।

दूध
डेढ़ पाव दूध में एक गिलास नींबू का रस मिलाकर मिश्रण बनाएं। इसे रात में अपनी स्किन पर लगाएं। दूध स्किन को मुलायम बनाता है। आप धूप से बचने के लिए भी दूध का पेस्ट बना सकते हैं। एक चौथाई दूध में एक चुटकी बिकारबोनेट सोडा मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे अपने स्किन पर लगाएं। दूध में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं। अगर आपकी स्किन ड्राई है तो आप दूध में बादाम का तेल और शहद मिलाकर पेस्ट बनाएं और उसे अपने स्किन पर लगाएं। इससे स्किन की ड्राईनेस समाप्त होती है। इसके अलावा अगर आपकी ऑइली स्किन है, तो आप बेकर्स खमीर और दूध लगाएं। यह बेहद फायदेमंद होता है।

नींबू
नींबू में ब्लीचिंग के गुण होते हैं। यह ड्राई और सेंसेटिव और ऑइली स्किन के लिए बेहद फायदेमंद होता है। जई के आटे में मिल्क और नींबू का रस मिलाकर इसका पेस्ट बनाएं। इसे स्किन पर लगाएं। इससे स्किन की सफाई होती है। अगर आपके कलर्ड हेयर हैं तो आप उन्हें धोते वक्त नींबू लगाएं। इससे आपके बाल चमकदार बनेंगे। बहुत से लोगों के डार्क ग्रे एल्बो होते हैं। एक चम्मच नींबू का रस लें उसमें गुलाब जल मिलाएं और उसे अपने भौं पर लगाएं। इससे एल्बो के बाल सफेद नहीं होगें।

दही
दही और मिंट का मास्क बनाकर इसे स्किन पर लगाने से काफी फायदा मिलता है। इसे बनाना काफी आसान है। यह हर तरह की स्किन के लिए उपयोगी है। एक चम्मच दही में एक चम्मच मुलतानी मिट्टी मिलाएं और मिंट के पत्तों को कुचलकर मिलाएं। इस पेस्ट को 15 मिनट के लिए अपनी स्किन पर लगाएं और फिर धो लें। आपका चेहरा चमकने लगेगा। इसके अलावा घुंघराले बालों के लिए दही बेहद अच्छी होती है। घुंघराले बालों पर 3 मिनट तक दही से मसाज करें और फिर गुनगुन पानी से धो लें। दही स्किन को सॉफ्ट बनाती है। इसे आप अपने चेहरे, हाथ, पैर और बॉडी पर लगा सकते हैं। यह स्किन को रिफ्रेश करता है।

छाछ
छाछ में एक- दो चम्मच मक्के का आटा मिलाएं और पेस्ट तैयार करें। इसे अपने चेहरे पर लगाएं। यह चेहरे के लिए बेहद लाभकारी होता है। चेहरे के खुले हुए रोम छिद्र छाछ को सोखते हैं और ठीक होते हैं। इस पेस्ट को 10 मिनट तक अपने चेहरे पर लगाएं और फिर ठंडे पानी से धो लें। इससे फेस के दाग-धब्बों से छुटकारा मिलता है।

शहद
शहद का यूज बहुत सारे ब्यूटी ट्रीटमेंट में किया जाता है। यह स्किन को स्मूथ और सॉफ्ट बनाता है। शहद को फेस पर लगाएं और 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद गर्म पानी लेकर कॉटन की सहायता से इसे पोछ लें। ऐसा करने से आपके फेस पर ग्लो आएगी और स्किन निखरेगी। इसके अलावा आप शहद के साथ अन्य सामग्री मिलाकर भी अपने लिए फेसपैक बना सकती हैं।

ड्राई स्किन के लिए शहद और अंडे का फेस पैक बहुत यूजफूल होता है। इससे स्किन मुलायम होती है। इसके लिए आधा चम्मच शहद में एक चम्मच मिल्क पाउडर मिलाकर पेस्ट बनाएं। इसे 20 मिनट के लिए अपने चेहरे पर अप्लाई करें और उसके बाद इसे हटा लें। इसी तरह ऑइली स्किन के लिए आधा चम्मच हनी, नींबू का जूस, मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं। इसे फेस पर लगाएं।

सेब
सेब ऑइली स्किन के लिए एक्सीलेंट टोनर है। इसे फेस मास्क की तरह यूज करने के लिए सेब को काटे और उसकी लेयर को चेहरे पर फैलाएं। इसे 15 मिनट बाद धो लें। आप चाहें तो एक बड़ा चम्मच सेब का जूस लेकर उसमें जैतून, बादाम और गुलाब जल मिलाकर फेस पैक बनाएं और अपने फेस पर अप्लाई करें।

बादाम
बादाम का तेल ड्राई स्किन और हेयर के लिए बेहद फायदेमंद है। स्किन पर मौजूद बड़े रोम छिद्रों के लिए पिसे हुए बादाम और गुलाब जल का पेस्ट बनाएं। इसे 15 मिनट तक फेस पर रगड़े और फिर धो लें। ड्राई और डैंड्रफ हेयर पर बादाम का तेल लगाना बुहत फायदेमंद होता है। आप हेयर वॉश से पहले इसे अपने बालों पर लगाएं।

फेस और हैंड की ड्राई स्किन पर बादाम और मिल्क का पेस्ट बनाकर लगाएं। पेस्ट बनाने के लिए एक कप कोल्ड मिल्क लें उसमें 20 ग्राम पिसा हुआ बादाम और 10 ग्राम शुगर मिलाएं। अब फेस और हैंड पर इसे लगाएं। इससे आपके हाथ और चेहरा मुलायम बनता है।

ऐवकोडा
ऐवकोडा एक फ्रूट है। इसमें ऑइल की काफी मात्रा होती है। हर तरह की स्किन के लिए यह बेहद फायदेमंद होता है। स्किन में तरोताजगी लाने के लिए इसे अपनी बॉडी में रब करें। ऐवकोडा का मास्क बनाने के लिए इसे नींबू के जूस के साथ मैश करें। इसके बाद 20 मिनट के लिए फेस और बॉडी पर लगाकर छोड़ दें। इसके बाद धो लें।

जौ
जौ के पाउडर में दो चम्मच नींबू का रस और मिल्क मिलाकर फेस पैक बनाएं। इसे फेस पर लगाने से त्वचा की सफाई होती है और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। हैंड और स्किन क्रीम बनाने के लिए एक चम्मच शहद, , एक चम्मच ग्लिसरीन और जई मिलाएं। इस पेस्ट को स्किन पर लगाएं।

रोज खाएं पपीता, कई बीमारियां रहेंगी दूरपोषण से भरपूर पपीता कई बीमारियों से दूर रखने में कारगर है। पाचन या भूख न लगने की ...
11/03/2022

रोज खाएं पपीता, कई बीमारियां रहेंगी दूर

पोषण से भरपूर पपीता कई बीमारियों से दूर रखने में कारगर है। पाचन या भूख न लगने की समस्या से जूझ रहे लोगों को तो हर कोई पपीता खाने की सलाह देता है। पपीता पका हो या कच्चा, इसके अनेक फायदे हैं, लेकिन कई बार इसकी अधिकता नुकसानदेह भी सकती है।

पपीताा एक ऐसा फल है, जो पोषण से भरपूर तो है ही, इसमें बहुत से औषधीय गुण भी हैं। इन गुणों के कारण इसकी अपनी खास पहचान है। चाहे कच्चा पपीता हो या पका हुआ, दोनों ही स्वास्थ्य की दृष्टि से फायदेमंद है। पपीते में विटामिन ए, विटामिन सी, नियासिन, मैग्नीशियम, कैरोटीन, फाइबर, फोलेट, पोटैशियम, कॉपर, कैल्शियम और कई तरह के एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं। पपीते में कुछ मात्रा में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट भी होते हैं। एक छोटे पपीते में लगभग 60 कैलोरी होती है। आइए जानते हैं पपीते के ऐसे अनेक फायदे।

दिल को रखे दुरुस्त
पपीता विटामिन सी , एंटीऑक्सिडेंट्स व फाइबर से भरपूर होता है। इसमें मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करनें में बेहद कारगर साबित होता है।

वजन को रखे नियंत्रित
यदि वजन कम करना चाहते हैं, तो एक मध्यम आकार के पपीते का सेवन फायदेमंद है। इसमें 120 कैलोरी होती है, साथ ही विटामिन सी, फोलेट और पोटैशियम आदि पाए जाते हैं। इसमें पाया जाने वाला पपेन एंजाइम पाचन में सहायता कर आपका काम और आसान कर देता है। पपीते में कोलेस्ट्रॉल और वसा न के बराबर पाया जाता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

इम्यूनिटी होगी मजबूत
पपीते के सेवन से शरीर को कई जरूरी तत्वों की पूर्ति हो जाती है। शरीर को विटामिन सी भी भरपूर मात्रा में मिलता है, जो सफेद कोशिकाओं के निर्माण में सहायक साबित होता है। इसमें उपस्थित एंटीऑक्सिडेंट, प्रोटीन, विटामिन ए और ई हमारे प्रतिरक्षा तंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक हैं। इससे कई बीमारियां दूर रहती हैं।

आंखों की सेहत सुधारे
पपीते में आंखों के लिए जरूरी विटामिन ए की प्रचुरता होती है। इसमें नीली रोशनी से आंखों का बचाव करने वाला कैरोटिनॉइड ल्यूटिन पाया जाता है। ये रेटिना की रक्षा करता है और मोतियाबिंद के खिलाफ भी लड़ता है।

कैंसर से करे बचाव
पपीते में मौजूद लाइकोपिन, कैरोटिनॉइड, एंटीऑक्सिडेंट, बीटा-क्रिप्टोक्साथीन और बीटा कैरोटिन आदि तत्व कैंसर से बचाव करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पाचन में फायदेमंद
पपीते में पपेन समेत कई पाचक एंजाइम्स और कई डायट्री फाइबर्स होते हैं। ये पाचन क्रिया को उत्तेजित करने का काम करते हैं, जिससे पाचन तंत्र पूरी तरह सक्रिय रहता है। इसमें बीटा कैरोटिन, विटामिन ई और फोलेट आदि पाए जाते हैं, जो कब्ज जैसी समस्या से बचाते हैं।

कहीं हो न जाए नुकसान
- गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन डॉक्टर के परामर्श से ही करना चाहिए। पपीते के बीज और जड़ भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकते हैं। शोधों के अनुसार, पपीते में लेटेक्स की उच्च मात्रा होती है, जो गर्भाशय के सिकुड़न का कारण बन सकती है। *पपीते में मौजूद पपेन भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक शरीर की झिल्ली को नुकसान पहुंचा सकता है।

- यदि आप रक्त को पतला करने वाली दवाओं का सेवन कर रहे हैं या आपका पेट खराब है, तो भी पपीते का सेवन न करें। विशेषज्ञों के अनुसार, पपीते की बाहरी त्वचा में लेटेक्स होता है, जो पेट खराब होने या दस्त का कारण बन सकता है। इससे पेट में दर्द की भी शिकायत हो सकती है।

- ज्यादा मात्रा में पपीते के सेवन से कैरोटिनेमिया यानी पेलाग्रा नामक बीमारी हो सकती है, जिसमें शरीर के अंगों का रंग पीला पड़ने लगता है।

- पपीते में मौजूद एंजाइम पपेन से सूजन, चक्कर आना, सिरदर्द, चकत्ते और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

- पपेन से अस्थमा, कंजेशन और जोर-जोर से सांस लेने जैसी श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

कब खाएं पपीता
पपीते का सेवन सुबह के समय करना चाहिए। इसमें एसिडिक गुण कम होने के कारण सुबह के समय खाने से इसका पाचन आसानी से हो जाता है और इसमें मौजूद पानी की ज्यादा मात्रा और फाइबर की प्रचुरता भी शरीर की मेटाबोलिक रेट को संतुलित करती है। लेकिन यह ध्यान रखें कि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें। इसकी कुछ मात्रा शाम के नाश्ते के समय भी ली जा सकती है, लेकिन डिनर के बाद पपीता नहीं खाना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक फाइबर युक्त होने के कारण इस समय इसे पचाना पाचन तंत्र के लिए थोड़ा मुश्किल काम होता है।

कच्चे पपीते के फायदे
ऑथ्र्राइटिस में आराम : जब खून और ऊतकों में यूरिक एसिड की मात्रा बहुत बढ़ जाती है, तब ऑथ्र्राइटिस रोग होता है। पपीते में पाया जाने वाला एंटी-इंफ्लेमेटरी एंजाइम पपेन और चयमो पपेन यूरिक एसिड को नियंत्रित करते हैं, जिससे सूजन में भी काफी आराम होता है।

जॉन्डिस में आराम : जॉन्डिस बीमारी में सबसे ज्यादा असर लिवर पर होता है। ऐसे में कच्चे पपीते का सेवन लिवर और जॉन्डिस के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। इसलिए जॉन्डिस के रोगियों को कच्चे पपीते का सेवन करना चाहिए।

मजबूत हड्डियों के लिए : हड्डियों में दर्द और कमजोरी का कारण विटामिन की कमी हो सकता है। कच्चे पपीते के सेवन से अनेक प्रमुख विटामिनों की कमी दूर होती है।

ब्रेस्टफीडिंग में लाभ : शोध से पता चलता है कि कच्चा पपीता सभी औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसमें सभी तरह के पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए इसके सेवन से ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को काफी लाभ होता है।

त्वचा में लाए निखार : स्वास्थ्य की दृष्टि से ही नहीं, त्वचा के लिए भी पपीता बहुत फायदेमंद है। अगर पके हुए पपीते के गूदे को मैश कर चेहरे पर लगाया जाए, तो चेहरे पर चमक आती है। इसके अलावा पपीता मैश करके उस में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर इसे चेहरे पर लगाएं तो त्वचा के दाग-धब्बे साफ होते हैं। यदि निखार के साथ मुलायम त्वचा भी चाहिए, तो पपीता मैश कर उसमें नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर त्वचा पर लगाएं। पपीते में मौजूद फ्लेवोनॉएड और बीटा हाइड्रोक्सी एसिड त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं।

बालों के लिए उपयोगी : पपीते में पपैन नाम का एक एंजाइम होता है, जो बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान करता है। इससे बाल लंबे और खूबसूरत होते हैं। पपीते के पत्तों का रस कंडिशनर के रूप में काफी कारगर साबित होता है।

वजन कम करने के घरेलू उपाय Weight Loss Foods: मोटापा एक ऐसी चीज है, जो कई बीमारियों को जन्म देती है. ऐसे में जितना जल्दी ...
10/03/2022

वजन कम करने के घरेलू उपाय

Weight Loss Foods: मोटापा एक ऐसी चीज है, जो कई बीमारियों को जन्म देती है. ऐसे में जितना जल्दी हो सके वजन कम कर लें और फिट हो जाएं. अब सवाल आता है कि वजन कैसे कम (how to lose weight) करें? अगर आपके भी मन में यह सवाल उठ रहा है तो ये खबर आपके काम आ सकती है. हम 5 ऐसे घरेलू उपाय लेकर आए हैं तो तेजी से वजन कम (lose weight fast) करने में आपकी मदद करेंगे. इनको फॉलो करने से पेट की चर्बी (belly fat) भी कम हो सकती है.

डाइट एक्सपर्ट डॉक्टर रंजना सिंह के अनुसार, खराब लाइफस्टाइल (Lifestyle) खानपान और फिजिलकल एक्टिविटी न करने का सबसे ज्यादा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. आरामदायक जीवन-शैली के कारण लोग मोटापे (obesity) का शिकार हो रहे हैं. मोटापे (obesity) के कारण हार्ट अटैक, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हाई यूरिक एसिड का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में नीचे बताए जा रहे घरेलू उपायों से वजन कम कर सकते हैं.

1. दालचीनी का सेवन (benefits of cinnamon)
वजन घटाने में दालचीनी कारगर मानी जाती है. इस मसाले में शक्तिशाली एंटी-बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं, जो वजन घटाने में मददगार साबित होते हैं. दालचीनी में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो मेटाबॉलिज्म सुधारने में सहायक होते हैं. साथ ही, इसके इस्तेमाल से पेट लंबे समय तक भरा रहता है.

2. नींबू का सेवन (lemon consumption)
वजन कम करने में नींबू भी मददगार है. भोजन के जरिये लोगों के शरीर में कैलोरीज जाती हैं. जब बॉडी दैनिक रूप से इतने कैलोरीज को खर्च नहीं कर पाता है तो एक्स्ट्रा कैलोरीज फैट के रूप में जमा हो जाता है. इससे शरीर का वजन बढ़ जाता है. नींबू में कैलोरीज की मात्रा बेहद कम होती है. ऐसे में इसका सेवन फायदेमंद है, साथ ही ये मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर करता है.

3. सेब का सिरका फायदेमंद (apple cider vinegar benefits)
पेट को लंबे समय तक भरा रखने में ऐप्पल साइडर विनेगर मददगार माना जाता है. साथ ही, शरीर से फैट और चर्बी की मात्रा को कम करने में भी ये मदद करता है. आप एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर इसका सेवन करें. कुछ ही हफ्तों में आपको असर दिखने लगेगा.

4. इलायची का सेवन (cardamom consumption)
मोटापा से परेशान लोग इलायची से दोस्ती कर लें. हरी इलायची को वजन घटाने के साथ ही पेट की चर्बी कम करने में भी असरदार माना जाता है. इसके सेवन से चयापचय बेहतर होता है, साथ ही, इसमें प्रचुर मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेट्री तत्व होते हैं, जो शरीर से सूजन कम करने में मदद करते हैं. इन्हें रात भर पानी में भिगोए रखने के बाद अगली सुबह खाली पेट पीने से वजन कम होता है.

5. आंवले का सेवन (gooseberry consumption)
आंवले का सेवन शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं. इसके साथ ही, ये वजन घटाने की प्रक्रिया को भी आसान बनाता है.

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