05/11/2024
जो ज़हर घोलता है दूसरों की ज़िंदगी में।
ख़ुद खूबसूरत ज़िंदगी जीना चाहता है।।
जो सच की आड़ में फकत झूठ बोलता है।।
दूसरों से हमेशा सच सुनना चाहता है।।
बिखेरता है कांटे हमेशा राहों में दूसरों की।
खुद के लिए बे--ख़ार ज़िंदगी चाहता है।।
फायदा उठाना फ़ितरत है आदमी की ।
नुकसान दूसरों का अपना नफ़ा चाहता है।।
फेसबुक के सौजन्य से