Jagdish KOTIA //

Jagdish KOTIA // शेर खुद अपनी ताकत से राजा कहलाता है,
जं? मज़बूत रिश्ते और कड़क चाय धीरे धीरे बनते है..!!

जिस से उम्मीदों को मेरी किरणों का संसार मिला पथ मिला कांटो से भरा उसमें जीवन का सार मिलाकुछ अपने हमसे रूठ गए कुछ अंजानो ...
05/01/2026

जिस से उम्मीदों को मेरी किरणों का संसार मिला
पथ मिला कांटो से भरा उसमें जीवन का सार मिला

कुछ अपने हमसे रूठ गए कुछ अंजानो से प्यार मिला
ठोकर खाकर रहे संभलते ईश्वर का मुझे दुलार मिला

दिल को ठेस लगी उनसे जिनसे उम्मीदे थी अपनी
हार गए जब तन्हाई से अश्को का भंडार मिला..✍️✍️

 #हवाओं से सुने है तेरी मेरी 🧿🫶💝🫶 #मोहब्बतो के हजारों   #किस्से  बड़े  #सुंदर लगते हैं तेरे  #होठों के 💋💋 नीचे है जो काल...
06/12/2025

#हवाओं से सुने है तेरी मेरी 🧿
🫶💝🫶 #मोहब्बतो के हजारों #किस्से
बड़े #सुंदर लगते हैं तेरे #होठों के
💋💋 नीचे है जो काले #मस्से ‼️

ख़तायें हमने की तुमसे   दिल लगाने की,बड़ी कीमत चुकाई है हमने मुस्कुराने की।सर उठाने के लिए ये सर कटाना ही पड़ा,मगर हमने ...
25/10/2025

ख़तायें हमने की तुमसे दिल लगाने की,
बड़ी कीमत चुकाई है हमने मुस्कुराने की।

सर उठाने के लिए ये सर कटाना ही पड़ा,
मगर हमने नहीं सीखीं अदाएं सर झुकाने की।

तेरी इक बात पे इक दिल का टुकड़ा टूट जाता है,
ये कोई आपसे सीखे अदाएं दिल चुराने की।

ये है मुर्दे की लाचारी कि कांधा कौन देता है,
कोई कीमत नहीं मिलती जनाजे को उठाने की।

हमने अपना जिसे समझा वही मुझे छोड़, गई
तो हमने छोड़ दी कोशिश रब को भी मनाने की।।
‼️💔‼️💔‼️💔‼️💔‼️💔‼️💔‼️

16/09/2024

*अच्छी थी, पगडंडी अपनी।*
*सड़कों पर तो, जाम बहुत है।।*

*फुर्र हो गई फुर्सत, अब तो।*
*सबके पास, काम बहुत है।।*

*नहीं जरूरत, बूढ़ों की अब।*
*हर बच्चा, बुद्धिमान बहुत है।।*

*उजड़ गए, सब बाग बगीचे।*
*दो गमलों में, शान बहुत है।।*

*मट्ठा, दही, नहीं खाते हैं।*
*कहते हैं, ज़ुकाम बहुत है।।*

*पीते हैं, जब चाय, तब कहीं।*
*कहते हैं, आराम बहुत है।।*

*बंद हो गई, चिट्ठी, पत्री।*
*व्हाट्सएप पर, पैगाम बहुत है।।*

*आदी हैं, ए.सी. के इतने।*
*कहते बाहर, गर्मी बहुत है।।*

*झुके-झुके, स्कूली बच्चे।*
*बस्तों में, सामान बहुत है।।*

*नही बचे, कोई सम्बन्धी।*
*अकड़, ऐंठ, अहसान बहुत है।।*

*सुविधाओं का, ढेर लगा है।*
*पर इंसान, परेशान बहुत है।।*

09/06/2024
दो भाई जमीन और घर के लिए झगड़ रहे थे ।।दोनो को पिता ने  लड़ते देखा तो हंसने लगे तो दोनो लड़को को गुस्सा आया और कहा की हं...
09/06/2024

दो भाई जमीन और घर के लिए झगड़ रहे थे ।।दोनो को पिता ने लड़ते देखा तो हंसने लगे तो दोनो लड़को को गुस्सा आया और कहा की हंस क्यों रहे हो।।
✍️पिता ने कहा दोनो अपना बैग उठाओ चलो आज हम पुराने गांव चलते है ।। पुराने गांव जाकर पिता ने दोनो को एक खंडहर मकान दिखाया और बोला ये हमारा मकान है मेरे पिता ने बड़ी मेहनत से बनाया था।।
✍️इस मकान को लेकर तुम्हारे चाचा जी और मेरे बीच खूब लड़ाई हुई ।।अनबन के चलते मैं गांव छोड़कर चला गया कुछ टाइम बाद तुम्हारे चाचा का भी देहांत हो गया और ये मकान खाली रह गया।।
✍️इस मकान और थोड़ी सी जमीन के विवाद में मेरा भाई मुझसे दूर हो गया ,रिश्ता टूट गया तब से ये मकान सुनसान है यहां कोई नही रहता।।
✍️पिता की बात सुनकर दोनो भाईयों को खुद पर शर्म आई उन्होंने पिता से माफी मांगी और लड़ाई झगड़ा न करके एकता से रहने की कसम खाई ।

HAR GHAR TIRANGA 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
14/08/2023

HAR GHAR TIRANGA 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

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