20/01/2026
*मुझे घरवाली ने पीटा (एक हास्य व्यंग्य)*
मेरा नाम है घसीटा,
मुझको घरवाली ने पीटा
ज़ब आया मै अपने घर
रात को बड़ी ही देर से।
पूछा देर से तू क्यों आया
क्या आज भी पीकर आया
बच्चे भी हो गये अब स्याने,
घऱ पर नही खाने को दाने।
पड़ोसन भी घऱ से बाहर आई
उसने भी मुझे खूब मार लगाई।।
मै गया रिपोर्ट लिखाने,
गलती से पहुँच गया मै महिला थाने,
पुरुष देखकर थानेदार महिला घबराई,
वह भी मोटा सा डंडा लेकर आई,
करने लगी वह भी मेरी पिटाई
मै रोता रोता पुरुष थाने पंहुचा,
थाने मे मुझे वहाँ के मुंशी ने टोका
क्या थाने मे रिपोर्ट लिखाने आया
रिपोर्ट लिखाने के लिए कुछ लाया,
क्यों खाली हाथ थाने तू यहाँ आया,
बड़ी मुश्किल से थानेदार तक मै पहुंचा,
थानेदार ने मेरी करी सुनवाई
पूछा तेरी क्यों हुई थी पिटाई।
साहब मै पी कर घऱ आया था,
इसलिए हुई थी मेरी पिटाई।
पहले पिटने के कुछ सबूत लाओ
फिर आकर थाने मे रिपोर्ट लिखाओ
वह रोता रोता सरकारी अस्तप्ताल पंहुचा,
उसने अपनी कमर पर पड़ी मार दिखाई।।
बड़ी मुश्किल से चोट पर पट्टी बंधवाई,
और मार के सर्टिफिकेट की गुहार लगाई
पर उसे सर्टिफिकेट नही मिल पाया,
वहां भी इसके लिए पैसो का सवाल आया।
वह अब भागते भागते थक चुका था
देश के भ्र्ष्टाचार से वह ऊब चुका था।
अब उसने कभी न पीने की कसम खाई,
और हर जगह पिटने से अपनी जान बचाई।।
आर के रस्तोगी गुरुग्राम