Vani Prakashan

Vani Prakashan The most trusted cultural and literary power house.
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Recipient of Swarn Kamal- The Golden Lotus (highest publishing honour of the Republic of India)
Brand Portfolio: Vani Prakashan• Vani Book Company• Nine Books• Yuva Vani• Pratiman• Vaak Vani Prakashan's logo is created by the strokes from the 'koochi' of legendary artist Maqbool Fida Husain (17 September 1915 – 9 June 2011). We celebrate secular, polemic and intellectual voices that reflect the m

ovements in social and political spaces, in the form of books and journals. Engaged in the profession of publishing since three generations, we are India's oldest independent family managed Hindi publishing house.

13/06/2026

"एक किताब को हमारे भीतर जमे हुए समंदर को तोड़ने वाली कुल्हाड़ी होना चाहिए।" - फ्रांज़ काफ्का

पत्रकार Saurabh Dwivedi के शब्दों में जानिए क्यों 'पर्सेपोलिस' हर उस इंसान के लिए एक बेहद ज़रूरी किताब है जो जिंदगी और दुनिया को एक नई नज़र से देखना चाहता है।

ईरान की पृष्ठभूमि पर लिखी गई वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित मार्जान सत्रापी की चर्चित कृति 'पर्सेपोलिस' हिन्दी में उपलब्ध।

इसे खोजकर पढ़िए, पर ज़रूर पढ़िए! ✨

साभार : Indian Express Hindi

📚 जून की नयी किताबें आ चुकी हैं!वाणी प्रकाशन के ताज़ा संस्करणों के साथ साहित्य, विचार और इतिहास की नयी यात्राएँ शुरू करे...
13/06/2026

📚 जून की नयी किताबें आ चुकी हैं!

वाणी प्रकाशन के ताज़ा संस्करणों के साथ साहित्य, विचार और इतिहास की नयी यात्राएँ शुरू करें।
कौन-सी किताब आपकी पढ़ने की सूची में शामिल होगी?
1. भारत की सारस्वत साधना : राधावल्लभ त्रिपाठी
2. भारतीय ज्ञान-परम्परा : सातत्य और संवर्धन : बलराम शुक्ल
3. 'लता सुर-गाथा' : यतीन्द्र मिश्र
4. 'अनुमतिपत्र' : वैभव सिंह
5. 'केदारनाथ सिंह संचयन' : सम्पादक लीलाधर मंडलोई
6. 'जो इतिहास में नहीं है' : राकेश कुमार सिंह
7. 'पागल गणितज्ञ की कविताएँ' : उदयन वाजपेयी
8. 'बाघ' : केदारनाथ सिंह

पुस्तकें प्राप्त करने के लिए आप bio या कॉमेंट बॉक्स में दिये गये लिंक पर जा सकते हैं

वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित मार्जान सतरापी की चर्चित कृति 'पर्सेपोलिस' का हिन्दी अनुवाद उपलब्ध है। मार्जान सतरापी का नि...
13/06/2026

वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित मार्जान सतरापी की चर्चित कृति 'पर्सेपोलिस' का हिन्दी अनुवाद उपलब्ध है। मार्जान सतरापी का निधन हो गया। अगस्त 2006 में जोशुआ बेयरमैन द्वारा लिया गया यह साक्षात्कार उनके व्यक्तित्व और रचनात्मक दृष्टि को समझने का एक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ है। इसका हिन्दी अनुवाद अनुराग अंकुर ने किया है।

साक्षात्कार लिंक : https://tinyurl.com/bdev9dra

'पर्सेपोलिस' पुस्तक का लिंक : https://tinyurl.com/bdfsjzf2

साभार : समालोचन

 #वाणीब्लॉग वात्स्यायन, दलित विमर्श और जारसत्ता का साम्राज्य -डॉ. धर्मवीर का साहित्य संसार–कितना सच, कितना झूठ"डॉ. धर्मव...
13/06/2026

#वाणीब्लॉग

वात्स्यायन, दलित विमर्श और जारसत्ता का साम्राज्य -
डॉ. धर्मवीर का साहित्य संसार–कितना सच, कितना झूठ

"डॉ. धर्मवीर लिखते हैं–एक जगह वात्स्यायन ने चार प्रकार की नायिकाओं का उल्लेख किया है; “कन्या, पुनर्भू, वेश्या और परस्त्री” चारायण ने ‘विधवा’ को पाँचवीं तथा सुवर्णनाभ ने ‘प्रव्रजिता’ को छठे प्रकार की नायिका माना है।"
~ ब्लॉग का एक अंश

पुस्तक : कामसूत्र की सन्तानें
लेखक : डॉ. धर्मवीर

वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित हिन्दी साहित्य की हस्ताक्षर पुष्पा भारती जी का साहित्य संसार पुस्तक प्राप्त करने के लिए आप ...
13/06/2026

वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित हिन्दी साहित्य की हस्ताक्षर पुष्पा भारती जी का साहित्य संसार

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मैं इसके नाज़ उठाता हूँ सो यह ऐसा नहीं करतीयह मिट्टी मेरे हाथों को कभी मैला नहीं करतीखिलौनों की दुकानों की तरफ़ से आप क्...
13/06/2026

मैं इसके नाज़ उठाता हूँ सो यह ऐसा नहीं करती
यह मिट्टी मेरे हाथों को कभी मैला नहीं करती

खिलौनों की दुकानों की तरफ़ से आप क्यों गुज़रे
ये बच्चे की तमन्ना है यह समझौता नहीं करती
~ मुनव्वर राना
'रुख़सत करो मुझे' ग़ज़ल संग्रह से

पुस्तक प्राप्त करने के लिए आप वाणी प्रकाशन ग्रुप की अधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

12/06/2026

क्या उपनिवेशवाद वाकई समाप्त हो चुका है? राजनीतिक स्वतंत्रता मिलने के बाद भी हमारे मानसिक और ज्ञानात्मक धरातल पर इसका प्रभाव कितना गहरा है?

इन्हीं जटिल और महत्वपूर्ण सवालों की पड़ताल करती है वाणी प्रकाशन द्वारा उन्मोचन ग्रंथमाला के अन्तर्गत प्रकाशित लेखक अभय कुमार दुबे जी की पुस्तक 'उपनिवेशवाद का अलौकिक साम्राज्य'

भाषा, ज्ञान और संस्कृति केअन्तर्संबंधों पर एक नयी बौद्धिक बहस की शुरुआत करती यह पुस्तक हर उस पाठक के लिए ज़रूरी है जो आधुनिक इतिहास और समाज की गहरी समझ रखना चाहता है।

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लेखक लहरी राम मीणा जी को वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'सृजन के विविध रूप और आलोचना' के लिए 'अखिल भारतीय एवं प्राद...
12/06/2026

लेखक लहरी राम मीणा जी को वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'सृजन के विविध रूप और आलोचना' के लिए 'अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक कृति सम्मान 2024' के अन्तर्गत 'आचार्य रामचन्द्र शुक्ल सम्मान' सम्मान प्राप्त। हार्दिक शुभकामनाएँ!

 #नयीबहार"'पॉडकास्ट पत्रकारिता' हिन्दी में लिखी गयी पहली ऐसी विस्तृत विश्लेषण करती हुई पुस्तक है जो पॉडकास्ट के इतिहास, ...
12/06/2026

#नयीबहार

"'पॉडकास्ट पत्रकारिता' हिन्दी में लिखी गयी पहली ऐसी विस्तृत विश्लेषण करती हुई पुस्तक है जो पॉडकास्ट के इतिहास, भारतीय भाषाओं के पॉडकास्ट एवं समाज पर इसके विस्तृत प्रभाव को अपने विश्लेषण तथा अध्ययन के साथ प्रस्तुत करती है।"
~ 'पॉडकास्ट पत्रकारिता' पुस्तक से

वाणी प्रकाशन द्वारा प्रकाशित प्रो. डॉ. कृष्ण कुमार रत्तू जी की नयी पुस्तक 'पॉडकास्ट पत्रकारिता'

पुस्तक प्राप्त करने के लिए आप वाणी प्रकाशन ग्रुप की अधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं

तुझे पाने की कोशिश में कुछ इतना खो चुका हूँ मैंकि तू मिल भी अगर जाए तो अब मिलने का ग़म होगा~ वसीम बरेलवी 'आँखों आँखों रह...
12/06/2026

तुझे पाने की कोशिश में कुछ इतना खो चुका हूँ मैं
कि तू मिल भी अगर जाए तो अब मिलने का ग़म होगा
~ वसीम बरेलवी
'आँखों आँखों रहे' ग़ज़ल संग्रह से

पुस्तक प्राप्त करने के लिए आप वाणी प्रकाशन ग्रुप की अधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

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