12/04/2021
#भारत में बेरोजगारी की कोई समस्या ही नहीं??
आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि दुनिया के सबसे युवा देश भारत में बेरोजगारी की कोई समस्या ही नहीं है।सच तो यह है कि, भारत में सिर्फ और सिर्फ सरकारी नौकरी की ही बेरोजगारी है...वरना 135 करोड़ लोगों के देश जिसमें लगभग 90 करोड़ युवा हैं,कोई भला बेरोज़गार रह ही नहीं सकता।हमारे पड़ोसी देश चाइना/चीन में हमसे बड़ी आबादी के बावजूद वो हमसे आगे हैं।हमारे देश में असली समस्या ये है कि यहां पढ़ाई करने वाले सभी लोगों को या तो सरकारी नौकरी चाहिये या फिर किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी के फ्रंट डेस्क ऑफिस में अच्छी वेतन वाली पोस्ट,जबकि इसके अलावे भी सैकड़ों रोजगार के विकल्प हैं जिसे ज़्यादातर लोग करना भी नहीं चाहते...!
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आइये देश में बहुत तेज़ी से बढ़ती हुई बेरोज़गारी के मूल कारणों पर एक नज़र डालें...!
आप किसी बेरोज़गार से कुछ सवाल करें,जैसे---
1.आप किसी प्राइवेट कंपनी में शुरुआती स्तर पर काम करेंगे?
ज़वाब-- नहीं
2.किसी दुकान में काम करेंगे...?
-- नहीं
3.बिजली/प्लम्बर का काम करेंगे?
--नहीं
4.बाइक/कार/एसी/कूलर/फ्रीज़/वाशिंग मशीन/टीवी/कंप्यूटर/लैपटॉप/मोबाईल की सर्विसिंग और रिपेरिंग का काम जानते हैं...?
--नहीं
5.पेंटिंग/फोटोग्राफी आदि का काम आता है...?
-- नहीं
6.मूर्तियां,मटके, हस्तशिल्प वगैरह कुछ बनाना आता है..?
--नहीं
7.कपड़ों की डिज़ाईन बुनाई,कटाई,सिलाई आदि आता है...?
--नहीं
8.लज़ीज भोजन और मिठाई बनाना जानते हैं...?
--नहीं
8.आपके पिता के पास ज़मीन है?
-- हाँ
9.तो खेती करेंगे?
- नहीं!
10.अग़र ज़मीन नहीं है तो मजदूरी करेंगे...?
- नहीं
ऐसे ही कुछ प्रश्न और पूछें,जैसे -फ़ल-सब्ज़ी बेचेंगे?दैनिक जरूरत के सामानों की फ़ेरी लगाएंगे?क्या फर्नीचर/बागवानी/माली/हेयर कटिंग आदि का हूनर सीखेंगे??
- इनसब का जवाब अक्सर ना में ही मिलेगा।
फिर पूछिए...
11. आप किसी कला मे निपुण तो होगे...?
- नहीं।लेकिन मैं BA/MAपास हूँ।
डिग्री है मेरे पास।
12. चलिए बहुत अच्छी बात है!पर कुछ व्यवहारिक काम जानते हैं?कुछ तो काम आता होगा सैकड़ों की संख्या में काम है?
- नहीं...काम तो कुछ भी नहीं आता।😇😇😇😇😇😇😇
ज़रा सोचिए,अब ऐसे युवा बेरोज़गार सिर्फ हमारे ही देश में क्यूँ हैं?जबकि अब सबको मालूम है कि परम्परागत डिग्रीयों के दम पर आज के तेज़ी से बदलते हुए ज़माने में रोज़गार एवं तरक्की के बिल्कुल सीमित अवसर ही बचें हैं।
फ़िर भी आज अधिकांश युवा इस सच्चाई को नजरअंदाज करते हुए बस दिखावे की जिंदगी जीने का आदी हो गया हैlयहाँ सबको सिर्फ़ ऊँची कुर्सी वाली ही नौकरी चाहिए जिसमें ख़ुद कोई काम ना करना पड़े केवल आदेश जारी करना रहेl
एकबार जरूर विचार करें कि ऐसे युवा देश के लिए संपत्ति हैं या बोझ...जो अपनी आजीविका के लिए भी उचित श्रम करने से बचना चाहता हैlक्या आपको नहीं लगता कि शर्म आनी चाहिए खुद की मानसिकता, कमजोरी और अकर्मण्यता को बेरोजगारी का नाम देते हुए?देश में हर साल लाखों युवा सैकड़ों यूनिवर्सिटी से सिर्फ़ डिग्री लेके निकलते हैं। आप थोड़ा ग़ौर करें तो सहज ही महसूस कर पाएंगे कि अधिकांश के हाथों में तो सिर्फ़ काग़ज़ का टुकड़ा होता है हुनर नहींlवर्तमान युग में जब तक आप खुद में कुछ हुनर पैदा करके उसे आजीविका अर्जन के लिए प्रयोग में नहीं लाते तब तक ख़ुद को आत्मनिर्भर सम्मानित व्यक्ति नहीं बना सकते।रही बात देश चलाने वाले सरकारों की तो ये तो आती रहेंगी और जाती रहेंगी कोई भी सरकार देश के 100% युवाओं को सरकारी संस्थानों में रोज़गार नहीं दे सकती।यहां तक कि सत्ता में आने से पहले किये गए अपने वायदे को भी नहीं निभा पाती हैं।यानि सरकार भी धोखा देती है।ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में,
अपने देश के सभी युवाओं से विनम्र निवेदन है कि समय रहते इस भ्रामक दुनियाँ से बाहर निकलकर आज की व्यवहारिक दुनिया में आएं।अपने सुखद एवं सम्मानजनक जीवन के निर्माण की अपनी जिम्मेवारियों को महसूस करें।अपने जीवन के महत्वपूर्ण लक्ष्यों एवं जीवनशैली का चुनाव करें।और अपने जीवन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अविलंब एक भरोसेमंद आधार के साथ अपने सीमित किन्तु बहुमूल्य समय और ऊर्जा को सही दिशा में निवेश करते हुए अपना और अपने परिवार के ख़ुशहाल जीवन का निर्माण करें।अन्यथा आपका और आपके ऊपर निर्भर परिवार के सभी सदस्यों का जीवन बहुत मुश्किल भरा हो जाएगा।समय और परिस्थितियां बहुत तेज़ी से बदल रही हैं जिसके प्रभाव से कोई नहीं बच सकता है।
आपको मालूम हो कि अमेरिका,जापान, जर्मनी,फ्रांस और चाइना जैसे देशों में 12 से 15 वर्ष का किशोर बच्चा भी अपने पॉकेट खर्च के लिए कमाने लग जाता है।लेकिन हमारे महान देश भारत में 25-30 साल के अधिकांश ऊर्जावान युवा भी अपनी सभी जरूरतों और चाहतों की पूर्ति के लिए अपने अभिभावकों पर ही आश्रित रहते हैं।इतना ही नहीं,ये वर्तमान स्थिति,व्यवस्था एवं सरकार की नीतियों की आलोचना करने,अथवा हल्के-फुल्के मनोरंजन एवं नशा करने में अपने बहुमूल्य समय,ऊर्जा एवं स्वास्थ्य की बर्बादी कर रहे हैं।जबकि इन्हें भी मालूम है कि इन सबसे इनकी या इनके परिवार की जिंदगी में कुछ भी महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होने वाला है।सबको पता है कि कितने भी आंदोलन कर लीजिए उससे किसी सरकार को इससे कुछ भी फर्क़ नहीं पड़ने वाला।देश की सरकार या कोई दूसरा व्यक्ति आपका या आपके परिवार के लोगों के ख़ुशहाल एवं सम्मानजनक जीवन
के लिए पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं करा सकता आपको ख़ुद ही सही दिशा में उचित परिश्रम करना पड़ता है।
देश के सभी युवाओं को शानदार भविष्य की अग्रिम शुभकामनाएं बहुत ज़ल्द आपके अच्छे दिन आएं।किस्मत मेहरबान रही तो आपको भी जरूर मनचाही सरकारी नौकरी मिलेगी।लेकिन
वर्तमान चुनौतीपूर्ण समय में सिर्फ इसी के भरोसे मत बैठिये।वास्तव में आज यह सबसे घातक क़दम है।
बहुत तेज़ी से बदलती हुई दुनिया में आज स्वरोजगार के ऐसे अनेकों अवसर उपलब्ध हैं जिनका लाभ उठाकर आप अपने साथ-साथ अपने संपर्क के अनगिनत लोगों की जिंदगी में भी आर्थिक सुरक्षा,सम्मान और खुशियां हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।इस प्रकार अपनी आनेवाली पीढयों को एक नए प्रगतिशील, समृद्ध,ख़ुशहाल एवं सहयोगी समाज के साथ-साथ तरक्की का बेहतर माहौल भी प्रदान कर सकते हैं।
आज के तकनीकी विकास के युग में यह संभव ही नहीं बल्कि इतना सरल भी है जिसपर अभी ज़्यादातर लोगों को संभवतः यकिन भी ना हो।लेकिन टेक्नोलॉजी और एकता की ताक़त से आज वो सबकुछ सम्भव है जो कुछ साल पहले तक अधिकांश लोगों की कल्पना में भी नहीं था।
अगर आप 21वीं सदी के "सर्वश्रेष्ठ अवसर" जिसमें कुछ भी खोने का डर नहीं है बल्कि पाने के लिए सबकुछ है वो भी सिर्फ़ अपने दैनिक जीवन के सभी आवश्यक ख़र्चों को अपनी असीमित आय का स्रोत बनाकर जो अबतक केवल दूसरों (दुकानदार से लेकर निर्माता एवं प्रचारकों तक)की ही समृद्धि का आधार है।यदि आप सच में अपने पैसे, समय एवं ऊर्जा का महत्तम लाभ उठाकर अपने जीवन के सभी महत्वपूर्ण लक्ष्यों को बहुत तेज़ी से हासिल करते हुए अपनी पीढ़ियों को तरक्की का मजबूत आधार एवं बेहतरीन माहौल देने की सच्ची चाहत रखते हैं तो अब अपना बहुमूल्य समय ना गवाएं,अविलंब **एटोमी** के साथ आर्थिक आज़ादी के यात्रा की शुरुआत करें।
एक निवेदन है कि वर्तमान समय में आत्मनिर्भरता एवं समृद्धि के मूल मंत्र-"आपसी सहयोग व स्वरोजगार" का विरोध केवल इसलिए ना करें कि इसका ज़िक्र आपसे उस व्यक्ति ने किया है जिसे आप किसी कारणवश अभी पसंद नहीं करते हैं।ध्यान रहे,पसंद तो कोई कड़वी दवाई या पीड़ादायक इंजेक्शन को भी नहीं करता लेकिन स्वास्थ्य लाभ के लिए उन्हें लेना ही पड़ता है।आर्थिक प्रगति,सामाजिक एकता एवं आत्मनिर्भरता के लाभों पर नज़र डालें, उन्हें पहचानें,समझें और अविलम्ब अपनाएं।सबको सही दिशा में आगे बढ़ने में सहयोग करने की सच्ची भावना रखें,आपकी जीत पक्की है।
आइये हम **एटोमी** के साथ मिलकर अपने देश भारत को "स्वस्थ, समृद्ध, कर्मठ एवं प्रगतिशील युवाओं"का महान राष्ट्र बनाएं।जय हिन्द 🙏🏻🙏🏻🙏🏻