Mauryavansi Nikhil

Mauryavansi Nikhil My lovely friend

31/12/2020

Happy new year friends

Hello friends kaise hai ap sb
17/11/2020

Hello friends kaise hai ap sb

जैसे ही वरमाला का कार्यक्रम पूरा हुआ तो दूल्हे ने दुल्हन के कदमों में अपना सर झुका दिया        " यह देख सभी हंसने लगे" द...
04/09/2020

जैसे ही वरमाला का कार्यक्रम पूरा हुआ तो दूल्हे ने दुल्हन के कदमों में अपना सर झुका दिया
" यह देख सभी हंसने लगे"
दूल्हे ने जवाब दिया
1. मेरी वंश को यही आगे बढ़ाएगी
2. मेरे घर की लक्ष्मी कह लाएगी
3. मेरी मां बाप की इज्जत करेगी और उनकी सेवा करेगी
4. मुझे पिता जैसी खुशी प्राप्त करवाएगी
5. प्रसव के समय मौत को मेरे बच्चे के लिए मौत को छूकर आएगी
6. ईसी से मेरे घर की नींव है
7. इसके व्यवहार से ही समाज में मेरी पहचान बनेगी
8. अपने मां-बाप को छोड़ कर यह मेरे लिए मेरे पीछे आई है
9. अपनों से नाता तोड़ कर उसने मुझ से नाता जोड़ा है
तो क्या हम थोड़ा सा सम्मान भी नहीं दे सकते क्या इन महिलाओं के कदमों में सर झुकाना हास्य है तो मुझे जमाने की परवाह नहीं (जय हिंद जय भारत)

01/09/2020
Hello friends
30/07/2020

Hello friends

औराई जनपद भदोही के सीओ साहब खमरिया में सब्जी बेच रहे अनुराग मौर्य से 2 किलो की अदरक वसूली कर रहे थे जब उन्होंने अदरक देन...
15/04/2020

औराई जनपद भदोही के सीओ साहब खमरिया में सब्जी बेच रहे अनुराग मौर्य से 2 किलो की अदरक वसूली कर रहे थे जब उन्होंने अदरक देने से मना कर दिया तो उनके छोटे भाई को बिना वर्दी के एक कांस्टेबल ने उन पर लाठी बरसाना शुरू कर दिया जब उसके बड़े भाई ने बताया कि कैमरे में सब रिकॉर्ड हो रहा है तो उसके बाद भी सीओ ने उनके सब्जी को सड़क पर फेंकते हुए अपने गाड़ी से कुचलने के बाद उसके भाई को जबरन गाड़ी में भरकर औराई थाने ले गए तथा उसके बाद उसके पिताजी को जब पता चला कि उसके पुत्र को औराई थाने में ले जाया गया तो उन्होंने एसपी के पास गुहार लगाने के लिए गए उन्होंने यह निर्णय लिया कि अगर मुझे इंसाफ नहीं मिला तो मैं आत्महत्या कर लूँगा क्योंकि अगर पुलिस से अगर इंसाफ नहीं मिलेगा तो हम किसके पास जाएंगे लाक डाउन चल रहा है कोर्ट भी नहीं जा सकते हैं जिसके वजह से वह पिताजी सदमे में है

एक पुत्र अपने वृद्ध पिता को रात्रिभोज के लिये एक अच्छे रेस्टोरेंट में लेकर गया। खाने के दौरान वृद्ध पिता ने कई बार भोजन ...
12/04/2020

एक पुत्र अपने वृद्ध पिता को रात्रिभोज के लिये एक अच्छे रेस्टोरेंट में लेकर गया। खाने के दौरान वृद्ध पिता ने कई बार भोजन अपने कपड़ों पर गिराया। रेस्टोरेंट में बैठे दूसरे खाना खा रहे लोग वृद्ध को घृणा की नजरों से देख रहे थे लेकिन उसका पुत्र शांत था।

खाने के बाद पुत्र बिना किसी शर्म के वृद्ध को वॉशरूम ले गया। उनके कपड़े साफ़ किये, चेहरा साफ़ किया, बालों में कंघी की, चश्मा पहनाया, और फिर बाहर लाया। सभी लोग खामोशी से उन्हें ही देख रहे थे।

फ़िर उसने बिल का भुगतान किया और वृद्ध के साथ बाहर जाने लगा। तभी डिनर कर रहे एक अन्य वृद्ध ने उसे आवाज दी, और पूछा - क्या तुम्हें नहीं लगता कि यहाँ अपने पीछे तुम कुछ छोड़ कर जा रहे हो?

उसने जवाब दिया - नहीं सर, मैं कुछ भी छोड़कर नहीं जा रहा।

वृद्ध ने कहा - बेटे, तुम यहाँ प्रत्येक पुत्र के लिए एक शिक्षा, सबक और प्रत्येक पिता के लिए उम्मीद छोड़कर जा रहे हो।

आमतौर पर हम लोग अपने बुजुर्ग माता-पिता को अपने साथ बाहर ले जाना पसंद नहीं करते,
और कहते हैं - क्या करोगे, आपसे चला तो जाता नहीं, ठीक से खाया भी नहीं जाता, आप तो घर पर ही रहो, वही अच्छा होगा।

लेकिन क्या आप भूल गये कि जब आप छोटे थे, और आपके माता पिता आपको अपनी गोद में उठाकर ले जाया करते थे। आप जब ठीक से खा नहीं पाते थे तो माँ आपको अपने हाथ से खाना खिलाती थी, और खाना गिर जाने पर डाँट नही प्यार जताती थी।

फिर वही माँ बाप बुढ़ापे में बोझ क्यों लगने लगते हैं?

माँ-बाप भगवान का रूप होते हैं। उनकी सेवा कीजिये, और प्यार दीजिये क्योंकि एक दिन आप भी बूढ़े होंगे।

#अपने_माता_पिता_का_सर्वदा_सम्मान_करें।

11/04/2020

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