27/01/2021
दोस्तों, आज हमारे देश भारत की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बलात्कार(रेप) है। प्रतिदिन न्यूज़ पेपर, न्यूज़ चैनल इन ख़बरों से भरे रहते हैं। दिल भी दुखता है, मन भी दुखता है। सोचते हैं कि क्या हम कुछ कर नहीं सकते। हम सब बेबस से नजर आते हैं। लोग अपनी सभ्यता को भूलकर हैवानियत की सभ्यता जीने में लगे हुए हैं।
लोग सोशल मीडिया साइट्स पर और अनेक जगह मोमबत्ती जलाकर, रैली निकालकर इसके खिलाफ प्रदर्शन करते हैं फिर भी ना जाने क्यों इस समस्या का हल नहीं हो पता है। ये क्या सिर्फ हमारी सर्कार की कमी है? क्या हमारे कानून की कमी है? क्या उन अच्छे लोगों को कमी है जो जुल्म सहन करते है या फिर उनकी कमी है जो सब कुछ करके भी आराम से रहते हैं।
बलात्कार(रेप) की समस्या से बचने के सिर्फ 2 उपाय अगर लागु हो जाये तो यह 100% नहीं तो 90% तक इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
1. संस्कार- Sanskar
हम कहते हैं कि अपने बच्चो को अच्छे संस्कार दें। ये करें वो करें। बिलकुल गलत बात है। पहले हमें खुद इस काबिल बनना पड़ेगा कि हम दूसरों को संस्कार दे सकें। लोगों को बता सकें। मैंने जितना अध्ययन किया है उसमे ब्रह्मचारी जब तक रहे तो स्वामी विवेकानंद की तरह जियें, और गृहस्थ होने के बाद भगवान राम के जैसा जीवन जिए। मैं शर्त लगाकर कह सकता हूँ जिसने अपने जीवन में रामायण उतार ली वो ऐसा घिनोना काम करने के बारे में तो सपने में भी नहीं सोच सकता है। श्री राम भगवान ने जीवन में सिर्फ सीता माता के अलावा किसी दूसरी नारी को सपने में भी नहीं देखा। राम जी तो भगवान हैं, लेकिन लक्ष्मण जी ने कभी भी परायी स्त्री के बारे में न कभी सोचा, न कभी देखा।
रामायण सुनकर अपना बेस स्ट्रांग बनाइये। अपने को इस काबिल करो कि भगवान राम न बन सको तो कोई बात नहीं, कम से कम हराम मत बनिए।
2. सख्त कानून–
जुर्म साबित हो जाने पर अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये। फांसी की सजा क्यों नहीं देते, चलो फांसी देना प्रावधान नहीं है तो उसे नपुंसक बनाकर उम्रकैद क्यों नहीं देते? चौराहे पर सरे आम गोली क्यों नहीं मार देते। जब तक कानून का डर नहीं होगा तब तक गलत काम तो होते ही रहेंगे। ऐसी गन्दी हरकत करते समय अपराधी की रूह काँप जानी चाहिए। इसके बारे में सोचते ही उसकी नींद उड़ जानी चाहिए।
समझ नहीं आता जब नोट बंदी, सर्जिकल स्ट्राइक एक दिन में की जा सकती है तो कठोर कानून क्यों नहीं बनाया जा सकता? सब कुछ हो सकता है देश में बस करने वाला चाहिए। जब बुरे लोग अपनी हैवानियत दिखा सकते हैं तो अच्छे लोग मिलकर क्यों नहीं उन्हें रोक पाते?
इसके अलावा कुछ लोग कहते हैं, सेक्स एजुकेशन लगवाइये, बच्चों के बालिग होते ही शादी करवा दो। कुछ लोग कहते हैं कि लड़कियों को जीन्स नहीं पहननी चाहिए, छोटे कपडे नहीं पहनने देना चाहिए बल्कि सूट सलवार पहनना चाहिए। ये सब गलत धारणा है। वैसे मेरा अपना मानना है पुरुष हो या स्त्री, उसे अपना तन तो ढककर ही रखना चाहिए, फिर भी यदि कोई मन मुताबिक कपडे पहनना चाहिए तो वो स्वतंत्र है। क्योंकि हमारा दिमाग अच्छा तो कम सोचता है बुरा ही ज्यादा सोचता है।
इसलिए अपनी सोच को पवित्र रखिये, स्वामी विवेकानंद की जीवनी पढ़िए, मैं तो कहूंगा कि भारत देश बहुत महान है, पहले भी था, केवल कुछ लोगों ने इसे बुरा बनाने का सोच लिया है। आज कल टीवी पर, इंटरनेट पर सब कामुकता की अधिकता वाली चीजें दिखाई जाती है।
छोटे छोटे बच्चे भी ऐसी ऐसी बात और हरकतें कर देते हैं कि देखने वाला सोचता ही रह जाता है। और उसके माता पिता हँसते है कि मेरा बेटा, मेरी बेटी कितनी समझदार हो गई है। लेकिन थोड़ा सोचना क्या बच्चे समय से पहले बड़े नहीं हो रहे हैं। ये इंटरनेट, ये स्मार्टफोन, ये ऐसी वैसी मूवीज, सब इन बुरे विचारों को अपने मन में लाने का एक साधन है।
इसलिए अगर आपको सच्ची में देश सेवा करनी है तो कुछ मत करिये, सबसे पहले अपने आप को सुधार लीजिये, उसके बाद लोगों को सुधारिये। मन में अच्छे विचार रखिये। सभी महिलाओं का सम्मान करिये। दुसरो में अपनी माँ, बहिन और बेटियों को देखिये। अच्छे संस्कार पाइये। मैं ये तो नहीं कहूंगा की आप लोगों को सुधारिये, बस खुद सुधर जाइये। क्योंकि ये सब गलत कर्म करने वाला भी तो इंसान है, बस उसके अंदर की इंसानियत गायब और हैवानियत जाग गई है। फिर से वेद पढ़िए, पुराण पढ़िए, ये सब नहीं कर सकते तो रामचरितमानस पढ़िए। ये भी नहीं पढ़ सकते तो कोई बात नहीं, राम कथा सुनिए, सुन भी नहीं सकते तो टीवी पर, यूट्यूब पर रामायण देखिये। आपके अंदर के सारे विचार अच्छे विचारों में बदल जायेंगे।