21/09/2025
आज है सर्व पितृ अमावस्या कैसे करें श्रद्धा जानिए??
क्या है शुभ समय??
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पितृ पक्ष की सर्व पितृ अमावस्या और आश्विन अमावस्या आज 21 सितंबर शनिवार को है. सर्व पितृ अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है. इस दिन सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा दोपहर 3 बजकर 57 मिनट से शुरू होकर 57 मिनट तक सिंह राशि में रहेंगे. इसके बाद वे कन्या राशि में गोचर करेंगे. सर्व पितृ अमावस्या पर साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भी लग रहा है, जो रात में 10 बजकर 59 मिनट पर लगेगा.
श्रद्धा का शुभ मुहूर्त??
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शुभ मुहूर्त - श्राद्ध कर्म करने का सबसे अच्छा समय दोपहर का होता है, जिसे 'कुतप काल' या 'रौहिण मुहूर्त' कहा जाता है। यह समय अलग-अलग तिथियों के अनुसार बदलता रहता है, लेकिन सामान्य तौर पर कुतप मुहूर्त सुबह 11 बजकर 53 मिनट से 12 बजकर 43 मिनट के बीच होती है।
सर्वपितृ अमावस्या को क्या करना चाहिए?
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सर्व पितृ अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करने के बाद दान किया जाता है। इसके लिए सर्व पितृ अमावस्या के दिन पूजा के बाद आर्थिक स्थिति अनुसार दान करें। आप अन्न, धन और कपड़े का दान कर सकते हैं। इस दिन दान करने से साधक को अमोघ फल की प्राप्ति होती है।
श्राद्ध कैसे करना चाहिए??
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इस दिन ब्राह्मण-भोजन कराना, पंचबली श्राद्ध यानी कौआ, कुत्ते, गाय और चींटी को भोजन कराना चहिए. सर्वपितृ अमावस्या की शाम भोजन, कुछ मीठा, पीपल के पेड़ पर चढ़ाया जाना चाहिए. पितरों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनसे कृपा करने की प्रार्थना करें और उन्हें विदा करें. इस दिन गरीबों को दान करें
तर्पण और पिंडदान करें
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स्नान करें: सुबह स्नान कर घर को स्वच्छ करें और शुद्ध वस्त्र पहनें.
प्रार्थना करें: __दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों का स्मरण करें और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करें.
तर्पण--:-- जल में तिल और जौ मिलाकर तर्पण करें, ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं.
पिंडदान: किसी योग्य पंडित की मदद से पितरों के निमित्त पिंडदान करें.
भोजन और दान
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कौओं को भोजन: --कौओं को पितरों के नाम से भोजन का प्रसाद खिलाएं.
सात्विक भोजन--पितरों के लिए सात्विक भोजन बनाएं, जिसमें खीर-पूरी का भोग लगाया जाए. इसमें प्याज, लहसुन जैसे तामसिक पदार्थ न डालें.
पीपल के पेड़ की पूजा
जल अर्पित करें: पीपल के पेड़ में पितरों का वास माना जाता है, इसलिए उसे जल अर्पित करें.
दीपक जलाएं: शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
प्रेषक--
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आचार्य अनुपम कैरियर/ मैरिज एस्ट्रोलॉजर वास्तु /रत्नसलाहकार
आगरा
9335919012